धारा लक्ष्य समाचार पत्र
संग्रामपुर/अमेठी। जनपद अमेठी के करीब – करीब सभी ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। जिसका निर्माण कराने के लिए सरकार ने लाखों रुपये खर्च किए है। सरकार के इतना खर्च करने के बावजूद ये सार्वजनिक शौचालय ग्राम पंचायतों में या तो बंद पड़े हैं या तो निष्क्रिय हो चुके हैं। ग्राम पंचायतों के सचिवों और प्रधानों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते लाखों रुपए की लागत से बने ये शौचालय बेकार हो गए हैं।
इसी कड़ी में अगर देखा जाए तो विकास खण्ड संग्रामपुर के ग्राम सभा बदलापुर मे बना हुआ, सामुदायिक शौचालय भी ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान की अनदेखी के कारण ये उदासीनता का पात्र बना हुआ है और गांव की शोभा भढ़ाने को मजबूर है। 
ग्रामीणों का कहना है कि जबसे ये बना है तभी से ही यह बंद पड़ा हुआ है, और इसके अगल बगल में बड़े बड़े खरपतवार जाम गए हैं। और हम सब लोगों के पास खुले में शौच जाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।
इसी क्रम में शुकुलपुर, इटौरी, मङौली, धोए, करौंदी, नेवादा, सोनारी कनू, सहित अगर ब्लॉक के चार पांच शौचालयों को छोड़ दिया जाए तो सभी की हालत दयनीय है।
इन बंद पड़े शौचालयों के पीछे मुख्य कारण हैं रोजाना न खुलना, सफाई का अभाव और देखरेख के लिए नियुक्त केयरटेकर की गैर-जिम्मेदारी? 
इस पर ग्राम पंचायत सचिव शशि कान्त सिंह ने कहा कि शौचालय के “अंदर कुछ कमियां हैं, जिनका सुधार कार्य चल रहा है।” जल्द ही पूर्ण रूप से चालू हो जायेगा।
लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि सालों बीत जाने के बाद भी शौचालय न खुलने से शौचालयों के ताले जंग खा चुके हैं और वे धूल फांक रहे हैं।

