धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। अमेठी के हरिराम तिवारी का पुरवा गांव में खलिहान और खेल के मैदान की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सत्यदेव तिवारी, कपिल देव तिवारी, शिवकुमार तिवारी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने लेखपाल की कथित मिलीभगत से इन सार्वजनिक जमीनों पर निर्माण कर लिया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई है, लेकिन हमेशा केवल खानापूर्ति की जाती है। अधिकारी मौके पर आकर झूठी कार्रवाई का आश्वासन देकर चले जाते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है।पूर्व में इसी जमीन को लेकर मारपीट भी हुई थी। उस समय पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों पर शांति भंग की धाराएं लगाकर छोड़ दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि रोकने वाले पक्ष के एक व्यक्ति के सिर में 6 इंच का घाव था,।
जिसका मेडिकल भी हुआ था, फिर भी पुलिस ने दोनों पक्षों पर समान कार्रवाई की।ग्रामीणों के अनुसार, बाद में लेखपाल और प्रधान की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश की गई थी और खेत से खेल का मैदान भी निकाला गया था। हालांकि, इसके बावजूद शिवकुमार, सत्यदेव ने फिर से जमीन पर कब्जा कर लिया। लेखपाल को तुरंत सूचना दी गई,
लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।भारतीय कांग्रेस पार्टी किसान इकाई अमेठी जिलाध्यक्ष सूर्यभान तिवारी ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने मुकदमा दर्ज होने की बात कही है, लेकिन फिर भी कब्जा करने वाले लोग जुताई कैसे कर रहे हैं। उन्होंने इसे लेखपाल और प्रशासन की मिलीभगत बताया। तिवारी ने कहा कि लेखपाल को दोबारा कब्जे की रिपोर्ट थाने में दर्ज करानी चाहिए थी।
,वे स्वयं मौके पर नहीं आते गांव के त्रिभुवन तिवारी, कप्तान, राकेश तिवारी, विकास, चंद्रभान और कमलेश सहित अन्य ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि राजस्व विभाग की लापरवाही जारी रही, तो कोई घटना घट सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
अब ग्रामीणों ने डीएम कार्यालय पर भारतीय कांग्रेस किसानइकाई के जिलाध्यक्ष सूर्यभान तिवारी ने लोगों के साथ मिलकर कार्रवाई न होने पर धरना देंगेउनकी मांग है कि खलिहान मेंबने अवैध ढांचे को हटाया जाए व खेलकूद के स्थान को खाली कराया जए।

