Amethi UP: डीएम एवं सीडीओ अमेठी के मार्गदर्शन में “लर्निंग बाय डूइंग” योजना का प्रभावी क्रियान्वयन

विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु व्यवहारिक शिक्षण की दिशा में ठोस पहल

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

अमेठी।
जिलाधिकारी संजय चौहान (आईएएस) एवं मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल (आईएएस) के मार्गदर्शन एवं सतत अनुश्रवण में जनपद अमेठी में राज्य परियोजना कार्यालय, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित लर्निंग बाय डूइंग (LBD) योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
इस योजना का उद्देश्य बच्चों को “करके सीखने” की अवधारणा से जोड़ना है ताकि विद्यार्थी विषयवस्तु की समझ व्यवहारिक रूप से विकसित कर सकें।

जनपद में प्रत्येक विकासखण्ड के दो-दो विद्यालयों तथा फेज-1 के 10 पीएम श्री विद्यालयों को सम्मिलित करते हुए कुल 36 विद्यालयों को LBD योजना से आच्छादित किया गया है।

*प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास*
राज्य परियोजना कार्यालय, लखनऊ के तत्वावधान में चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों के लिए तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण उद्यमिता विकास केंद्र, लखनऊ में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को LBD के सिद्धांतों, गतिविधि-आधारित शिक्षण सामग्री के प्रयोग तथा प्रेरणा पोर्टल पर डाटा अपलोड करने की प्रक्रिया से अवगत कराना था।

*समीक्षा एवं दिशा-निर्देश*
प्रशिक्षण उपरांत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमेठी द्वारा समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रशिक्षित शिक्षकों ने भाग लिया।
समीक्षा में पाया गया कि विद्यालयों को LBD के टूल्स एवं किट्स प्राप्त हो चुके हैं, किन्तु प्रेरणा पोर्टल पर गतिविधियों का अद्यतन अपेक्षित रूप से नहीं किया जा रहा है।
इस पर बीएसए अमेठी द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालय सोमवार तक संबंधित गतिविधियों को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें।

खंड शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि उनके अधीन सभी विद्यालयों की DCF प्रविष्टियों का सत्यापन समयबद्ध रूप से किया जाए।
प्रत्येक विद्यालय को प्राप्त ₹27,000 मूल्य की 155 प्रकार की सामग्रियों का स्टॉक रजिस्टर में अंकन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

*विद्यालयों को यह भी निर्देशित किया गया कि—*

प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से सप्ताह में कम से कम चार गतिविधियाँ कराई जाएँ।

गतिविधियों के फोटोग्राफ एवं रिपोर्ट्स LBD समूह पर साझा किए जाएँ।

सभी गतिविधियाँ DCF एवं प्रेरणा पोर्टल पर समय से अपलोड की जाएँ।

*अवलोकन एवं सुधारात्मक कदम*
समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ विद्यालयों में स्थानाभाव के कारण LBD प्रयोगशाला स्थापित करने में कठिनाई आ रही है।
इस पर बीएसए अमेठी द्वारा निर्देश दिए गए कि विद्यालय उपलब्ध स्थान में पार्टीशन का प्रयोग करते हुए लैब स्थापित करें तथा विद्यार्थियों को प्रतिदिन LBD गतिविधियों से जोड़ें।

*निष्कर्ष एवं अपेक्षित परिणाम*
“लर्निंग बाय डूइंग” योजना जनपद अमेठी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक अभिनव प्रयास है।
इस योजना के माध्यम से—

बच्चों में सीखने की सक्रियता एवं रचनात्मकता में वृद्धि होगी।

शिक्षकों में नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।

विद्यालयों में शिक्षण वातावरण अधिक व्यवहारिक एवं प्रभावी बनेगा।

जिलाधिकारी संजय चौहान (आईएएस) एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल (आईएएस) ने कहा कि “लर्निंग बाय डूइंग” योजना विद्यार्थियों में व्यवहारिक समझ विकसित करने की दिशा में एक सार्थक पहल है। शिक्षा तभी प्रभावी होती है जब बालक स्वयं अनुभव के माध्यम से सीखता है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि अमेठी के प्रत्येक विद्यालय में इस योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो तथा शिक्षक, छात्र एवं अभिभावक सभी इस परिवर्तन का हिस्सा बनें।

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