लेखपाल की रिपोर्ट और खंड विकास कार्यालय से प्रस्ताव खारिज होने के बाद भी रात में कराया जा रहा निर्माण
धारा लक्ष्य समाचार
अमेठी।जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम धोयें निवासी एक ग्रामीण ने अपने पैतृक मकान और सेहन भूमि पर ग्राम प्रधान के द्वारा जबरन रास्ता निर्माण कराए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीण का कहना है कि प्रधान चुनावी रंजिश के चलते उसकी पुश्तैनी भूमि से जबरन रास्ता निकालने पर आमादा हैं, जबकि गाँव में पहले से ही सार्वजनिक रास्ता मौजूद है।
पीड़ित के अनुसार उसके पूर्वजों द्वारा लगभग दो सौ वर्ष पूर्व उस भूमि पर मकान का निर्माण किया गया था, जिसका परिवार लगातार उपयोग करता चला आ रहा है। यह भूमि अब भी परिवार के कब्जे में है। आरोप है कि ग्राम प्रधान गाँव के कुछ व्यक्तियों को साथ मिलाकर अनैतिक लाभ पहुँचाने की नीयत से प्रार्थी की सेहन भूमि को समाप्त करने की साजिश रच रहे हैं।
ग्रामीण ने बताया कि मामले की शिकायत करने पर हल्का लेखपाल द्वारा स्थलीय निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण रिपोर्ट में लेखपाल ने स्पष्ट रूप से बताया कि जिस स्थान से नया रास्ता निकाले जाने की बात की जा रही है, वह अवैध और औचित्यहीन है। इसके बाद खंड विकास कार्यालय द्वारा भी रास्ते से संबंधित प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था।
इसके बावजूद ग्राम प्रधान कथित रूप से रात के समय जेसीबी मशीन लगवाकर जबरन निर्माण कार्य करवा रहे हैं। जब ग्रामीण और उसके परिजनों ने विरोध किया, तो प्रधान और उनके समर्थकों ने उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी।
पीड़ित ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भेजे प्रार्थना पत्र में मांग की है कि ग्राम प्रधान को जबरन निर्माण कार्य से रोका जाए और मौके पर शांति व्यवस्था कायम रखी जाए। साथ ही परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से गाँव में तनाव का माहौल बनता जा रहा है और प्रशासन के हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

