Dhara Lakshya samachar
शुकुलबाजार/अमेठी। भैया दूज के पावन अवसर पर गुरुवार को भाई-बहन के अनमोल बंधन को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना की।
सुबह-सुबह घर-घर में चौक सजाकर भटकइया, सुपारी और अन्य पारंपरिक सामग्री के साथ यम देवता का पूजन किया गया। सुपारी मूसल से कुचलकर यम पूजा की तैयारी की गई।
इस अवसर पर बहनें स्नान और सज-धज कर गोंठ में पहुंचीं, जहां चना, पान और सुपारी को कूटकर अन्नकूट और गोबर की प्रतिमा का पूजन किया गया। दूध, चीनी की घरिया, खिलौना, लाई, चिवड़ा, मिठाइयां और ताजे फल चढ़ाए गए। विधिवत पूजन के बाद बहनें अपने घर लौट गईं।
भैया दूज पर व्रती बहनों के अनुसार, अगले दिन भाई को प्रसाद खिलाना और तिलक व चंदन लगाना अनिवार्य है। पंडित देवेंद्र शुक्ला ने बताया कि इस दिन की पौराणिक मान्यता है कि यमराज ने अपनी बहन यमी को दर्शन दिए थे। यमी ने उनसे वरदान लिया कि आज के दिन जो भी बहन-भाई यमुना नदी में स्नान करेंगे, उनकी मुक्ति संभव होगी। इसी कथा के अनुसार, हर भाई अपनी बहन के घर आएगा और उनके जीवन में सुख-शांति और लंबी उम्र का आशीर्वाद लाएगा।

