आत्मरक्षा से सशक्त हुईं बालिकाएँ — विद्यालयों में बढ़ा आत्मविश्वास और नेतृत्व भावना
स्थान: पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय, पश्चिम दुआरा, विकास खण्ड भेटुआ, जनपद अमेठी

अमेठी। मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत बालिकाओं को आत्मरक्षा एवं आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने हेतु वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय, पश्चिम दुआरा, भेटुआ में किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय की बालिकाओं में आत्मविश्वास, साहस, आत्मरक्षा कौशल तथा नेतृत्व गुणों का विकास करना रहा।
कार्यक्रम में प्रशिक्षक सुश्री अल्कमा कौसर द्वारा आत्मरक्षा की व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा उपकरणों (किट) के सही उपयोग, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया देने, और आत्मसुरक्षा के मूल सिद्धांतों की जानकारी दी गई।
बालिकाओं का उत्साह और प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान कक्षा 7 की छात्रा राधा चौहान एवं कक्षा 8 की छात्रा माही सिंह ने आत्मरक्षा की सीखी हुई तकनीकों का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
दोनों छात्राओं ने पंचिंग, ब्लॉकिंग, एवं बचाव की व्यावहारिक तकनीकों का प्रदर्शन कर उपस्थित छात्राओं और शिक्षकों को प्रभावित किया।
इस प्रदर्शन से अन्य बालिकाओं में आत्मरक्षा के प्रति गहरी रुचि और आत्मविश्वास विकसित हुआ। विद्यालय में वातावरण उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी बन गया।
*शैक्षिक एवं सामाजिक प्रभाव*

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अमेठी ने बताया कि —
“इस प्रकार के प्रशिक्षण से बालिकाओं में आत्मविश्वास और निडरता की भावना का विकास हो रहा है। अब विद्यालयों में बालिकाएँ न केवल नियमित रूप से उपस्थित हो रही हैं, बल्कि खेलकूद, नेतृत्व एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि मिशन शक्ति के अंतर्गत इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के सभी विकास खण्डों में चरणबद्ध रूप से संचालित किए जा रहे हैं, ताकि हर विद्यालय की बालिकाएँ आत्मरक्षा के कौशल से लैस हो सकें।
प्रेरणादायी पहल — प्रशासन की दृष्टि से
डीएम अमेठी श्री संजय चौहान ने कहा कि —
“मिशन शक्ति का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि सशक्तिकरण है। आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण बालिकाओं को मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक रूप से मजबूत बना रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक अहम भूमिका निभा रहा है।”
सीडीओ अमेठी श्री सूरज पटेल (आईएएस) ने कहा कि —
“जनपद में प्रत्येक विद्यालय में इस प्रकार के आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य है कि हर बालिका स्वयं को सुरक्षित महसूस करे और समाज में आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा सके। बालिकाओं की सशक्त भागीदारी ही समाज की सशक्त नींव है।”
*निष्कर्ष*
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल आत्मरक्षा का अभ्यास था, बल्कि बालिकाओं को आत्मविश्वास, साहस, अनुशासन और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने का एक अभियान भी साबित हुआ।
अमेठी प्रशासन के सतत प्रयासों से मिशन शक्ति 5.0 के अंतर्गत बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मसुरक्षित बनाने की दिशा में सराहनीय प्रगति हो रही है।
