किसानों से संवाद, लापरवाही पर नाराजगी, पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश।
धारा लक्ष्य समाचार
सीतापुर संवाददाता शफीक अहमद की रिपोर्ट
सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने जिले में विभिन्न स्थानों पर औचक निरीक्षण कर कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने देर रात रामकोट स्थित डालमिया भारत शुगर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड की इकाई का आकस्मिक निरीक्षण किया और गन्ना तौल कराने आए किसानों से संवाद कर फीडबैक प्राप्त किया। जिलाधिकारी ने मिल परिसर में पर्ची वितरण, तौल प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और उत्पादन गुणवत्ता की जांच करते हुए पारदर्शिता एवं शुद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसानों को पेयजल, प्रकाश और बैठने जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा गन्ना मूल्य का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सुरक्षा, स्वच्छता एवं पर्यावरणीय मानकों के पालन पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान जिला गन्ना अधिकारी रत्नेश्वर त्रिपाठी और मिल प्रबंधन के अधिकारी उपस्थित रहे।
बुधवार को जिलाधिकारी ने ब्लॉक हरगांव के मलिहाबाद उपकेंद्र, प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र का भी औचक निरीक्षण किया, जहां कई अनियमितताएं पाई गईं। उपकेंद्र खुला मिला लेकिन कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सेवा से बर्खास्त करने, सेंटर सुपरवाइजर का वेतन काटने और नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। मिड-डे-मील में चावल की गुणवत्ता जांचते हुए उन्होंने शिक्षण कार्य में लापरवाही मिलने पर सहायक अध्यापक का एक दिन का वेतन काटने व प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार को निर्देशित किया कि सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (पूर्व में स्वास्थ्य उपकेंद्र) का निरीक्षण नियमित रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र पर चिकित्सक, एएनएम, बीएएम, सीएचओ और ब्लॉक नोडल अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित हो, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनी रहे और लाभार्थियों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं समय से प्राप्त हों।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि प्रत्येक केंद्र का निरीक्षण चेकलिस्ट के आधार पर किया जाए तथा निरीक्षण के बाद प्रमाण-पत्र संबंधित अधिकारियों से प्राप्त कर रिपोर्ट प्रेषित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

