धारा लक्ष्य समाचार पत्र
भेटुआ/अमेठी। जिले के विकास खण्ड भेटुआ क्षेत्र के मांगा गोपालपुर और हारीपुर गांवों में जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्यों के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नल (टोटी) लगाएं बिना ही पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई है, जिससे कई घरों तक स्वच्छ पेयजल नहीं पहुंच पा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, अधूरी पाइपलाइनें कई स्थानों पर टूटी पड़ी हैं, जिनसे लगातार पानी बह रहा है। इससे न केवल पानी की बर्बादी हो रही है, बल्कि दबाव कम होने की वजह से घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, परियोजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइनों में जगह-जगह रिसाव है, लेकिन विभाग या ठेकेदार की ओर से सुधार कार्य नहीं किया जा रहा। स्थानीय निवासी जयप्रकाश उपाध्याय ने बताया कि उनके घर सहित आसपास के कई घरों में पानी ही नहीं आ रहा है क्योंकि रास्ते में पाइपलाइन जगह-जगह फटकर पानी बहा रही है। वहीं उमाशंकर सिंह ने कहा कि उनके घर तक पाइपलाइन तो डाली गई है, लेकिन नल आज तक नहीं लगाया गया। कई अन्य ग्रामीण भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं।
यह स्थिति जल जीवन मिशन के मूल उद्देश्य—हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने—को सीधे प्रभावित कर रही है। अधूरे कार्यों के कारण ग्रामीण पेयजल सुविधा से वंचित हैं, जबकि सरकारी संसाधन बर्बादी का शिकार हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और अधूरे पड़े कार्यों की जांच कराकर उन्हें जल्द पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पाइपलाइनें ठीक नहीं होंगी और नल नहीं लगाए जाएंगे, तब तक इस योजना का वास्तविक लाभ लोगों को नहीं मिल सकेगा।
प्रधान प्रतिनिधि संतोष बरनवाल ने बताया कि ठेकेदार को स्थिति सुधारने के निर्देश दे दिए गए हैं और कुछ दिनों में सभी कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।

