धारा लक्ष्य समाचार पत्र
कई बार आपरेटर से कहने के बाद भी नहीं निकला इस समस्या का हल
संग्रामपुर/अमेठी। जिले के संग्रामपुर क्षेत्र के जरौटा गांव में गेहूं की सिंचाई के लिए नलकूप का ही एक मात्र सहारा है, लेकिन उसके भी कई जगहों पर गुलाबें टूटने के कारण किसानों को सिंचाई में दिक्कत आ रही है। वही नलकूप विभाग टूटे हुए गुलाबा की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है जिससे किसान परेशान है।
कई बार किसानों ने नलकूप ऑपरेटर से गुलाबा ठीक कराने के लिए कहा लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक गुलाबा ठीक न होने से अब किसान परेशान है, क्योंकि अब उनके गेहूं सूख रहे है और सिंचाई का कोई और विकल्प नहीं है। क्योंकि यह राजकीय नलकूप का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो पानी के वितरण को नियंत्रित करता है।

नलकूप का गुलाबा टूट जाने से सिंचाई की पूरी व्यवस्था ठप हो गई है, जिससे किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं। इस समस्या से किसानों में चिंता और परेशानी व्याप्त है, क्योंकि वै अपनी फसलों की सिंचाई के लिए नलकूप पर ही निर्भर हैं। गुलाबें का कार्य नलकूप से निकलने वाले पानी के बहाव को नियंत्रित करना है और इसे खेतों तक पहुँचाने में मदद करना है।
समस्या – जब यह टूट जाता है तो पानी का प्रवाह रुक जाता है, जिससे आसपास के खेतों में सिंचाई संभव नहीं हो पाती है। गुलाबा टूट जाने से किसानों को अपनी फसलों को पानी देने में कठिनाई हो रही है, जिससे उनकी फसलें खराब होने का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय किसानों की स्थिति के अनुसार, जरौटा गाँव के किसान तीरथराम, बुद्धिमान पांडेय, रवींद्र पांडेय, गोविंद पांडेय, कैलाश मिश्र, सरयू प्रसाद, संतोष मिश्र, जोखू, संगमलाल, राम संजीवन सहित दर्जनों किसान इस समस्या से जूझ रहे हैं।

