Varanasi UP…बीएचयू में प्रतिभागियों को जीनोमिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण

बीएचयू में प्रतिभागियों को जीनोमिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण

अंतरराष्ट्रीय पेस्ट जीनोमिक्स कार्यशाला के दूसरे दिन, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में प्रतिभागियों को जीनोमिक एवं आणविक जीवविज्ञान की प्रमुख तकनीकों का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। व्यावहारिक सत्रों के अंतर्गत वायरस से डीएनए निष्कर्षण, पौधों से आरएनए निष्कर्षण, मूलभूत सूक्ष्मजीव तकनीकें, पीसीआर एवं सीडीएनए संश्लेषण, नैनोड्रॉप स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, जेल डॉक्यूमेंटेशन तथा रियल-टाइम पीसीआर जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया।

इन सत्रों का संचालन डॉ. संदीप शर्मा, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. संतोष कुमार एवं डॉ. श्रीनिवास एन के विशेषज्ञ मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. राम केवल, विभागाध्यक्ष, कीट विज्ञान विभाग द्वारा किया गया।

इस कार्यशाला में देश के ग्यारह प्रमुख विश्वविद्यालयों से आए पीएच.डी. शोधार्थियों ने भाग लिया, जिनमें जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, आरपीसीएयू पूसा, नागालैंड विश्वविद्यालय, सीएसएयूएटी कानपुर, आंडुआट अयोध्या, आनंद कृषि विश्वविद्यालय (गुजरात) सहित अन्य विश्वविद्यालय शामिल थे। इसके अतिरिक्त, नेपाल के राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान परिषद (NARC) के संकाय सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यशाला के दौरान प्रदान किया गया यह व्यावहारिक प्रशिक्षण कीट विज्ञान, पादप रोग विज्ञान, सूक्ष्मजीव विज्ञान एवं संबंधित विषयों में शोध कार्य को आगे बढ़ाने में प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। ये तकनीकें ट्रांसजेनिक्स के विकास, कीटों एवं पादप रोगजनकों की आणविक पहचान, कीटनाशी प्रतिरोध के अध्ययन तथा उसके प्रबंधन जैसी उन्नत आणविक विधियों की आधारशिला हैं।

व्यावहारिक सत्रों के अतिरिक्त, डॉ. मंजुनाथ गौड़ा टी., वैज्ञानिक, आईआईवीआर ने नेमाटोड की पहचान हेतु आणविक तकनीकों पर व्याख्यान दिया, जबकि डॉ. ट्विंकल, डीएसटी-पीडीएफ ने कीटों के निदान हेतु एलएएमपी आधारित तकनीकों पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

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