प्रतिभा सम्मान समारोह में 190 छात्र-छात्राएं सम्मानित, मेधा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की घोषणा
वाराणसी, 18 फरवरी 2026। सोसायटी फार सोशल एक्शन एण्ड रिसर्च (सार संस्थान) द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह बुधवार को जिला पुस्तकालय सभागार, अर्दली बाजार, वाराणसी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में सहयोगी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग तथा मुरली मित्र वेलफेयर फाउण्डेशन की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. ए.पी. पाण्डेय (पूर्व कुलपति, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मणिपुर एवं प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, बीएचयू) रहे तथा अध्यक्षता प्रो. एच.पी. अधिकारी (सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय) ने की। विशिष्ट अतिथियों में प्रो. वंशीधर पाण्डेय (डीन-शैक्षणिक, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ) एवं डॉ. सुनीता चंद्रा (रजिस्ट्रार, Central Institute of Higher Tibetan Studies) उपस्थित रहीं।
इस वर्ष विशिष्ट कार्यों हेतु “आचार्य ब्रजवल्लभ द्विवेदी स्मृति विशिष्ट सेवा सम्मान – विरासतें बनारस सम्मान” शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्री उदय प्रकाश (प्राचार्य, एस.बी.पी.जी. कॉलेज, बड़गांव) तथा सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना के लिए श्री अशोक कपूर (समन्वयक, इन्टैक वाराणसी) को प्रदान किया गया। “स्व. बदलेव प्रसाद टण्डन स्मृति सारस्वत सम्मान” वेदपाठी श्री रमन शास्त्री को दिया गया।
संस्था के संरक्षक प्रो. राम सुधार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। प्रो. तरुण कुमार द्विवेदी ने आचार्य ब्रजवल्लभ द्विवेदी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए संस्था के उद्देश्यों की जानकारी दी। उद्योगपति श्री राकेश टण्डन ने फाउंडेशन का परिचय कराया।
मुख्य अतिथि प्रो. ए.पी. पाण्डेय ने कहा कि प्रतियोगिताएं बच्चों के मानसिक स्तर को विकसित करती हैं और प्रतिस्पर्धा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में ए.आई. और आई.क्यू. के बीच संतुलन आवश्यक है तथा सार संस्थान विद्यार्थियों के आई.क्यू. विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. वंशीधर पाण्डेय ने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण, एकता एवं नैतिक मूल्यों को अपनाने की सलाह दी। डॉ. सुनीता चंद्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ अपनी संस्कृति और सामाजिक मूल्यों का विकास करना चाहिए। श्री के.एस. परिहार ने विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर बल दिया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. एच.पी. अधिकारी ने कहा कि शिक्षा बच्चे का निर्माण करती है और समाज उसे आकार देता है। संस्था के सहयोगी फाउंडेशन के निदेशक श्री संदीप श्रीवास्तव ने घोषणा की कि सार संस्थान और मुरली मित्र फाउंडेशन मिलकर मेधा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देंगे।
कार्यक्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी श्री गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव की पुस्तक ‘प्रयागराज: इतिहास के आइने’ का विमोचन भी किया गया।
प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के 45 विद्यार्थियों को कार्यक्रम स्थल पर नकद पुरस्कार, गिफ्ट, शील्ड एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त 30 विद्यालयों के 190 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कक्षा 5 से 10 तक के मेधावी छात्रों को सर्वोच्च पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश्वरी प्रसाद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन संस्था के उपाध्यक्ष एवं मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में अनेक शिक्षाविद्, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

