Varanasi UP…टी ई टी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन तेज, 23–25 फरवरी को काली पट्टी बांधकर करेंगे कार्य।

टी ई टी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन तेज, 23–25 फरवरी को काली पट्टी बांधकर करेंगे कार्य।

वाराणसी। बेसिक शिक्षकों द्वारा चलाया गया विरोध अभियान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई घंटों तक ट्रेडिंग की श्रेणी में नंबर 01 पर रहा, जबकि ‘मन की बात’ नंबर 02 पर ट्रेंड करता रहा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ वाराणसी के वरिष्ठ शिक्षक नेता सनत कुमार सिंह ने बताया कि 20–25 वर्षों से सेवा दे रहे लाखों शिक्षक, जिनकी आयु 50–55 वर्ष हो चुकी है, उन्हें पुनः परीक्षा में बैठने के लिए बाध्य किया जाना भेदभावपूर्ण रवैया है। उन्होंने कहा कि विधि-विपरीत कानून लागू करना घोर अन्याय है और सरकार को टीईटी की अनिवार्यता से अपने कदम वापस लेने होंगे।
उन्होंने बताया कि TFI के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा की अगुवाई में सभी संगठनों के संयुक्त सहयोग से 23, 24 एवं 25 फरवरी को ‘राष्ट्र निर्माता शिक्षक’ काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे।
यदि सरकार द्वारा शिक्षकों की मांग स्वीकार नहीं की गई तो 26 फरवरी को बीएसए कार्यालय पर विशाल आंदोलन किया जाएगा तथा जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि देश के सभी राज्यों में Right to Education Act लागू होने से पूर्व राज्यों द्वारा निर्धारित अर्हता के आधार पर ही शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी और वे 25–30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। ऐसे में आरटीई लागू होने के बाद निर्धारित नई अर्हता को पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर थोपना सरासर अन्याय है।
श्री सिंह ने केंद्र सरकार से संसद के माध्यम से कानून पारित कर इस व्यवस्था पर रोक लगाने और देश के लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के साथ न्याय करने की मांग की है।

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