Varanasi UP..एन आई एम एस यूनिवर्सिटी राजस्थान ने वाराणसी में ₹100 करोड़ की मेगा छात्रवृत्ति योजना का किया ऐतिहासिक शुभारंभ।

एन आई एम एस यूनिवर्सिटी राजस्थान ने वाराणसी में ₹100 करोड़ की मेगा छात्रवृत्ति योजना का किया ऐतिहासिक शुभारंभ।

“गुरु वंदन 2026” में 160 से अधिक शिक्षाविदों की गरिमामयी उपस्थिति।

वाराणसी, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरगामी एवं परिवर्तनकारी पहल करते हुए एन आई एम एस यूनिवर्सिटी राजस्थान ने वाराणसी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान ₹100 करोड़ की मेगा छात्रवृत्ति योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम का आयोजन थे क्लार्कस वाराणसी में दो चरणों — प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं “गुरु वंदन 2026” शिक्षक सम्मेलन — के रूप में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर और गाजीपुर सहित आसपास के जनपदों से 160 से अधिक प्रधानाचार्य, शिक्षक, काउंसलर, शिक्षाविद एवं विभिन्न कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने शिक्षा जगत में नई ऊर्जा और सकारात्मक शैक्षणिक समन्वय का संदेश दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ₹100 करोड़ छात्रवृत्ति योजना की घोषणा
सायं 4:00 बजे आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्वविद्यालय प्रशासन ने ₹100 करोड़ की व्यापक छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की। यह योजना मेधावी, प्रतिभाशाली एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। विश्वविद्यालय के एडमिशन डायरेक्टर श्री तेजिंदर पाल सिंह ने बताया कि यह छात्रवृत्ति मेडिकल, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, लॉ, फार्मेसी, नर्सिंग सहित विभिन्न प्रोफेशनल एवं तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले योग्य विद्यार्थियों पर लागू होगी। चयन प्रक्रिया पूर्णतः मेरिट आधारित, पारदर्शी एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप होगी। प्रस्तुति के दौरान विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक अधोसंरचना, उन्नत शोध प्रयोगशालाओं, सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल सुविधाओं, इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रमों एवं उत्कृष्ट प्लेसमेंट रिकॉर्ड पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप कौशलयुक्त, नवाचारी और आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्य अतिथि महापौर का प्रेरक संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि ₹100 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए ऐतिहासिक अवसर है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में निवेश किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है। ऐसी पहलें न केवल प्रतिभाशाली एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास एवं राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। महापौर ने विश्वविद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में अनुकरणीय पहल बताया।
“गुरु वंदन 2026” बना संवाद और सम्मान का मंच सायं 6:00 बजे आयोजित “गुरु वंदन 2026” सम्मेलन शिक्षा जगत को समर्पित विशेष सत्र रहा। लगभग 160 प्रधानाचार्य, शिक्षक, काउंसलर एवं कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की।
सम्मेलन का उद्देश्य विद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के मध्य शैक्षणिक समन्वय को सुदृढ़ करना, विद्यार्थियों के करियर मार्गदर्शन को मजबूत बनाना तथा उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य पर सार्थक चर्चा करना रहा।
इस अवसर पर स्किल डेवलपमेंट, इंडस्ट्री-ओरिएंटेड एजुकेशन, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी, करियर काउंसलिंग एवं नई शिक्षा नीति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। “गुरु वंदन 2026” शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत गुरुओं के सम्मान, संवाद और सहयोग का प्रेरणादायक मंच सिद्ध हुआ। शिक्षा क्षेत्र में नई दिशा ₹100 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना एवं “गुरु वंदन 2026” सम्मेलन के माध्यम से एन आई एम एस यूनिवर्सिटी राजस्थान ने अपनी शैक्षणिक प्रतिबद्धता, सामाजिक उत्तरदायित्व और दूरदर्शी नेतृत्व का प्रभावशाली परिचय दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से हजारों विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा क्षेत्रीय स्तर पर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं पहुँच में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
यह आयोजन वाराणसी के शिक्षा जगत में नई ऊर्जा, समन्वय और उच्च शिक्षा के प्रति विश्वास को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक अवसर सिद्ध हुआ।

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