Varanasi UP…431 संविदा सफाई कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर वित्त मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल।

431 संविदा सफाई कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर वित्त मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सोनचंद बाल्मीकि के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना से वाराणसी आगमन के दौरान मुलाकात कर 431 संविदा सफाई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर पत्रक सौंपा।
प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय पर मंत्री का स्वागत करते हुए संघ प्रतिनिधियों ने बताया कि नगर निगम प्रशासन द्वारा सदन से प्रस्ताव पारित होने के बाद 431 संविदा सफाई कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का प्रस्ताव शासन को इस शर्त के साथ भेजा गया था कि बढ़ा हुआ व्यय नगर निगम वाराणसी स्वयं वहन करेगा। संघ का आरोप है कि पूर्व में सहमति बनने के बावजूद नगर विकास विभाग की ओर से अब तक वेतन वृद्धि का आदेश जारी नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
इस दौरान शहर दक्षिणी के विधायक व पूर्व मंत्री नीलकंठ तिवारी ने भी मंत्री को मामले से अवगत कराते हुए कर्मचारियों के साथ अन्याय की बात कही। इस पर वित्त मंत्री ने तत्काल नगर आयुक्त से फोन पर वार्ता कर पुनः शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए और आश्वस्त किया कि प्रकरण में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
संघ ने मृतक आश्रितों की लंबित नियुक्तियों का मुद्दा भी उठाया। बताया गया कि तीन वर्षों से सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बावजूद नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा गया कि पूर्व में वरिष्ठता के आधार पर 25 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई थी, जिनमें चार महिला कर्मियों को पहली बार सफाई सुपरवाइजर बनाया गया था। लेकिन शेष 16 कर्मचारियों की पदोन्नति स्वास्थ्य विभाग द्वारा कथित रूप से असंवैधानिक तरीके से की गई है, जिसमें वरिष्ठ कर्मियों की उपेक्षा की गई और अनियमितता के आरोप लगे हैं।
संघ ने मांग की है कि पदोन्नति सूची की सूक्ष्म जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही संविदा कर्मियों को शासनादेश के अनुसार महंगाई भत्ता न दिए जाने से प्रतिमाह लगभग 2500 रुपये की आर्थिक क्षति होने का भी मुद्दा उठाया गया।
वित्त मंत्री ने सभी बिंदुओं पर संज्ञान लेने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधायक नीलकंठ तिवारी ने प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार को प्रधानमंत्री जनसुनवाई कार्यालय में पुनः बुलाया है। संघ पदाधिकारियों ने न्याय की उम्मीद जताई है।

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