Varanasi UP…बार एसोसिएशन चुनावों में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम।

बार एसोसिएशन चुनावों में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम।

उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा उत्तर प्रदेश की समस्त बार एसोसिएशनों के चुनावों में पारदर्शिता, अनुशासन एवं गरिमा बनाए रखने हेतु पोस्टर, बैनर एवं अन्य चुनावी प्रचार सामग्री पर रोक लगाने संबंधी महत्वपूर्ण आदेश पारित किया गया है। यह आदेश अमित कुमार निगम बनाम राज्य उत्तर प्रदेश एवं अन्य वाद में माननीय न्यायमूर्ति एम.सी. त्रिपाठी एवं माननीय न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ द्वारा पारित किया गया।
उक्त आदेश में न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय परिसर की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक अधिवक्ता का कर्तव्य है, और चुनाव के दौरान होने वाली अनावश्यक भीड़, पोस्टरबाजी, नारेबाजी एवं अव्यवस्था न्यायिक कार्य में बाधा उत्पन्न करती है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालय ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उच्च न्यायालय का यह निर्णय न केवल समयानुकूल है, बल्कि बार एसोसिएशन चुनावों को स्वच्छ, निष्पक्ष एवं मर्यादित बनाने की दिशा में अत्यंत आवश्यक कदम है। लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि चुनावों के दौरान अनियंत्रित प्रचार-प्रसार एवं भीड़भाड़ से न्यायालय परिसर की गरिमा प्रभावित होती है। इस आदेश के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया केवल अधिवक्ताओं के बीच स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा तक सीमित रहे, न कि शक्ति प्रदर्शन या अव्यवस्था का माध्यम बने।
मैं, शशांक शेखर त्रिपाठी, अधिवक्ता एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दी बनारस बार एसोसिएशन, उच्च न्यायालय के इस निर्णय का हृदय से स्वागत करता हूँ। यह निर्णय अधिवक्ता समाज के हित में है तथा इससे बार एसोसिएशन चुनावों में पारदर्शिता, अनुशासन एवं गरिमा स्थापित होगी।

हम सभी अधिवक्ताओं का यह दायित्व है कि हम न्यायालय के इस आदेश का पूर्ण रूप से पालन करें एवं एक आदर्श एवं अनुशासित चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

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