काशी में नशामुक्ति के लिए निकली विशाल पदयात्रा, युवाओं को दिया जागरूकता का संदेश।

वाराणसी धर्म और आस्था की नगरी में नशामुक्त समाज के संकल्प को लेकर आज एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया। के तत्वावधान में यह नशामुक्त पदयात्रा मैदान से प्रारंभ हुई, जिसमें हजारों की संख्या में संगठन के कार्यकर्ताओं और नगरवासियों ने भाग लिया।
पदयात्रा का उद्देश्य समाज को नशामुक्त परिवार, अपराधमुक्त समाज और संस्कारवान राष्ट्र के निर्माण के लिए जागरूक करना रहा। इस दौरान प्रतिभागियों ने नशामुक्ति के समर्थन में नारे लगाए और प्रदेश को नशामुक्त घोषित करने की मांग की। कार्यक्रम में संगठन की केंद्रीय अध्यक्ष पूजा शुक्ला ने कहा कि भगवान की पवित्र भूमि है, जिसे नशामुक्त रखना आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शहर में बढ़ते नशे के प्रभाव से युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है और समाज में अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने नारी शक्ति से भी इस अभियान में आगे आने का आह्वान किया।
संगठन के केंद्रीय महासचिव अजय अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान शिव को नशे का प्रतीक बनाना गलत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दें। पदयात्रा में संगठन से जुड़े विभिन्न पदाधिकारी और कार्यकर्ता देश-प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे। इस दौरान सामाजिक संस्थाओं, संत-महात्माओं और स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया। प्रशासन की ओर से भी कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सहयोग प्रदान किया गया। संगठन ने प्रदेश सरकार से मांग की कि समाजहित में ठोस कदम उठाते हुए प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में कार्य किया जाए, जिससे स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारित समाज का निर्माण संभव हो सके।

