भव्य रूप से मनाई गई डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती, कचहरी स्थित स्मारक पर उमड़ा जनसैलाब।

वाराणसी।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर कचहरी स्थित अम्बेडकर स्मारक पर अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन, नई दिल्ली (ABAJKA) इकाई वाराणसी, बहुजन बोधि समाज संघर्ष समिति (BBS-3), ऑल इंडिया डॉ. अम्बेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIDASA), रमाबाई अम्बेडकर महिला एसोसिएशन (RAMA) एवं अन्य सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य भिक्खू संघ द्वारा बुद्ध वंदना, त्रिशरण, पंचशील एवं बुद्ध पूजा के साथ विधिवत किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर एवं बहुजन महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्य अतिथि बुद्धमित्र मुसाफिर (राष्ट्रीय अध्यक्ष, ABAJKA) ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने देश में व्याप्त छुआछूत, भेदभाव और असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष करते हुए समता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व पर आधारित समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने बताया कि बाबा साहेब का सपना जाति-विहीन और बौद्धमय भारत का निर्माण करना था, जिसके लिए सभी को संकल्पित होकर कार्य करना होगा।
उन्होंने 14 अक्टूबर 1956 को बाबा साहेब द्वारा बौद्ध धम्म ग्रहण करने की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि मानवतावादी बौद्ध धर्म के प्रसार से ही समाज में वास्तविक समानता संभव है। साथ ही, उन्होंने आगामी जनगणना में बहुजन समाज से ‘धम्म’ के कॉलम में बौद्ध धर्म अंकित कराने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि सारनाथ में बुद्धा बोधिसत्व डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर (BBAIC) के प्रशासनिक ब्लॉक का उद्घाटन 24 नवंबर 2024 को किया जा चुका है तथा इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह केंद्र बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
मुख्य वक्ता अशोक कुमार प्रबुद्ध (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ABAJKA) ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा निर्मित भारतीय संविधान देश को समता और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ा रहा है, लेकिन इसकी सफलता उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है।
इस अवसर पर उषा शास्त्री (राष्ट्रीय अध्यक्ष, BBS-3) एवं नीलम बौद्ध (राष्ट्रीय महासचिव, ABAJKA) ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा साहेब के मिशन को पूर्ण करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में विभिन्न पदाधिकारियों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। संचालन गोपाल प्रबुद्ध एवं सुभाष चंद्र बोस द्वारा किया गया तथा अध्यक्षता डॉ. प्रेमसागर (मंडल अध्यक्ष, ABAJKA) ने की।
समारोह में सैकड़ों की संख्या में उपासक, उपासिकाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर बाबा साहेब के जयकारों से गूंज उठा।

