विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय शिक्षा व चुनौतियां विषय पर कार्यशाला
धारा लक्ष्य समाचार


पुवांरका।
मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा अवसर और चुनौतियां विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ अपने विचार रखें।
सोमवार को जनता रोड स्थित विश्वविद्यालय कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसरों एवं चुनौतियों के प्रति जागरूक करना था।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली से आए डॉ. अनिल कुमार सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि हमें भारत को एक विकसित देश बनाना है, तो हमें एक जागरूक और प्रबुद्ध समाज का निर्माण करना होगा। इसके लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्राप्त करने के लाभों तथा उससे मिलने वाले अनुभवों के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. मितेश मल्होत्रा, एमडी, सेवियर एजुकेशन अब्रॉड प्राइवेट लिमिटेड लुधियाना (पंजाब) ने विद्यार्थियों को विदेश में अध्ययन से संबंधित प्रक्रियाओं, प्रवेश नीतियों तथा छात्र विनिमय कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार छात्र इन कार्यक्रमों का लाभ उठाकर अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य को सुदृढ़ बना सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को छात्र विनिमय कार्यक्रम की नीतियों एवं प्रक्रियाओं के बारे में विशेष रूप से मार्गदर्शन दिया गया। कार्यशाला के संयोजक प्रो. राजबीर सिंह रहे।
डॉ. विनोद कुमार सहित डॉ. मितिका, डॉ. नमितोष, प्रो. राजकुमार, प्रो. आरके गुप्ता प्रो. सुरेंद्र, डॉ. सत्येंद्र कुमार, कोमल, डॉ. कृष्णा,डॉ. संदीप, डॉ. हर्ष दीपांशु, गोविंद, अनुज एवं छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे।
