धारा लक्ष्य समाचार पत्र
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने “विजन 2047” को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग को नई शिक्षा नीति के तहत कार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने विभागीय 5-वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि युवाओं को बेहतर और रोजगारपरक शिक्षा मिल सके।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उच्चतर शिक्षा पर विशेष फोकस करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने वर्ष 2047 तक सकल नामांकन अनुपात (GER) को 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके अलावा वर्ष 2028 तक मॉडर्न संस्कृति महाविद्यालयों के कैंपस तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, 50 प्रतिशत कोर्स को कौशल आधारित (स्किल-ओरिएंटेड) बनाने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को 5-5 करोड़ रुपये की ग्रांट देने की भी घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि छात्राओं की ड्रॉपआउट दर कम करना, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देना और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाए ताकि हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके।
सरकार का मानना है कि “विजन 2047” के तहत शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे ये सुधार आने वाले समय में राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे और हरियाणा को एक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ाएंगे।
