काशी पहुंचे यूपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मछुआ समाज को संबोधित किया
धारा लक्ष्य समाचार पत्र

लखनऊ। मंत्री संजय निषाद ने आज बाबा विश्वनाथ और माँ गंगा के आशीर्वाद प्राप्त पावन धरती पर मंच पर विराजमान सभी सम्मानित अतिथिगण, जनप्रतिनिधिगण और मेरे प्रिय मछुआ समाज के भाइयों एवं बहनों को जनपद वाराणसी के कटिंग मेमोरियल ग्राउंड में हृदय से वंदन एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि पिछले एक महीने से मैं लगातार वाराणसी और आसपास के जनपदों में भ्रमण कर रहा हूँ और इस दौरान मैंने आप सभी के सुख और दुख को बहुत करीब से महसूस किया है।
मुझे यह भी ज्ञात हुआ कि आप में से कुछ लोग मुझसे नाराज थे कि 2017 के बाद मैं कई गांवों में नहीं आ पाया, लेकिन मैं आज इस मंच से स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि यह मेरी कमी नहीं बल्कि ये मंच पर मौजूद लोगों की बेईमानी थी जिन्होंने आपके सुख-दुख की बात मुझ तक पहुँचने ही नहीं दी।
उन्होंने कहा काशी हमेशा से मेरे दिल में थी और आज भी हैं मैं हमेशा से मंच पर मौजूद लोगो से पूछता था तो ये बताते थे की आप बिल्कुल खुशहाल हैं। किंतु सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे कभी कोई भी खबर मिलती थी तो मैं हमेशा से मौजूद रहा हूँ, आपको याद होगा राजतलब की एक बेटी के साथ गलत हुआ तो मैं वहाँ अपने सभी कार्यक्रम छोड़कर बेटी के परिवार से मिलने पहुँचा।
मुझे आपने इतनी शक्ति दी है की मैं पूरे देश और प्रदेश की समस्याओं में सुलझा रहा हूँ, लेकिन मुझे यह जानकारी ही नहीं दी गई कि मेरा अपना समाज परेशान है। जैसा कहा जाता हैकृचिराग तले अंधेराकृलेकिन आज एक महीने तक आपके बीच रहने के बाद मैं इस मंच से घोषणा करता हूँ कि डॉ. संजय निषाद, निषाद पार्टी कभी काशी को नहीं भूलेंगे, और मैं काशी के निषादों एवं बिंद समाज से भी कहना चाहता हूँ कि आप डॉ संजय और निषाद पार्टी को काशी को भूलने मत देना, क्योंकि काशी और निषाद एक-दूसरे के पूरक हैं,
बिंद, निषाद और केवट समाज की पहचान काशी के बिना अधूरी है और मैं अपनी पहचान को खोने का अधिकार किसी को नहीं दे सकता।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि भाइयों और बहनों, काशी में माँ गंगा की धारा उल्टी बहती है किंतु हम गंगा पुत्रों को माँ गंगा का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। हम निषाद समाज के लोग यहाँ आने वाले लोगों को तीर्थ और मोक्ष दोनों की यात्रा करवाते हैं, लेकिन आज मैं आपसे एक संकल्प लेने आया हूँ कि
1. जिन लोगों ने आपको ठगा है, छला हैंकृ उनको मोक्ष की यात्रा करवानी है।
2.जिन पार्टियों ने आपका हक छीना हैकृ उनको मोक्ष की यात्रा करवानी है।
3.आपके आरक्षण को खाया है कृ उनको मोक्ष की यात्रा करवानी है।

4.और आपके अधिकारों को दूसरी जातियों में बाँट दिया हैकृउन सभी को अब “मोक्ष की यात्रा” करवानी होगी।
उन्होंने कहा कि आज आपके बच्चे गरीबी और भूख से जूझ रहे हैं और आपको पूछने वाला कोई नहीं है, इसलिए मैं आपसे पूछता हूँ। बोलो भाई, आपका हक खाने वालों को मोक्ष दोगे कि नहीं? मैं एक बार फिर जोर से पूछना चाहता हूँ कि इन धोखेबाज पार्टियों को मोक्ष कौन कराएगा। क्या निषाद और बिंद समाज उनकी अंतिम यात्रा निकालकर उन्हें उत्तर प्रदेश और देश से विदाई देकर काशी में उनका पिंडदान करेगा या नहीं?
उन्होंने कहा कि मैंने पूरे प्रदेश में गोरखपुर, प्रयागराज और नोएडा सहित चार स्थानों पर रैलियाँ प्रस्तावित की थीं, लेकिन अंत में मैंने काशी को चुना क्योंकि जीवन के अंतिम समय में हर व्यक्ति को काशी आना पड़ता है, और आज मैं पूरे प्रदेश का भ्रमण करने के बाद यहाँ आया हूँ इन धोखेबाज पार्टियों का पिंडदान करने और निषाद होने के नाते उन्हें मोक्ष दिलाने।
साथियों, आज मैं इसी मंच से देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का हृदय से धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने काशी के सांसद के रूप में इस नगरी को विश्व पटल पर स्थापित करने का काम किया है। आज हमारे निषाद और बिंद नाविक भाई बड़ी संख्या में यहाँ उपस्थित हैं और जब मैं सोशल मीडिया पर काशी के घाटों के दृश्य देखता हूँ तो मुझे गर्व होता है कि हमारे नाविक भाई विदेशी सैलानियों से उनकी भाषा में संवाद करते हैं,।
जिससे यह स्पष्ट होता है कि हमारा समाज अब केवल श्रम ही नहीं बल्कि कौशल और सम्मान के साथ आगे बढ़ रहा है। आज काशी के घाटों की सुंदरता और सौम्यता देश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और इसका सीधा लाभ हमारे निषाद समाज को मिल रहा है, जिसका श्रेय प्रधानमंत्री को जाता है।
भाइयों और बहनों, हमारा देश 1947 में आजाद हुआ, लेकिन हमारी जातियों के साथ अन्याय उससे पहले ही शुरू हो गया था। अंग्रेजों ने हमें मार्शल कौम कहकर कानूनों के माध्यम से हमारी पहचान को समाप्त करने का प्रयास किया और हम पर क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट जैसे कानून लगाए गए। सबसे बड़ा अन्याय तब हुआ जब देश को आजाद कराने में सबसे अधिक बलिदान देने वाली जातियों को आजादी के बाद भुला दिया गया।
आजादी के 67 वर्षों तक कांग्रेस और उनके सहयोगियों की सरकार रही, लेकिन उन्होंने मछुआ समाज के लिए मात्र तीन हजार करोड़ रुपये दिए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मात्र 11 वर्षों में 27 हजार करोड़ रुपये देकर मछुआ समाज को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य किया गया।
आज केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, प्रधानमंत्री मछुआ दुर्घटना योजना और मत्स्य पालन हेतु किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, जब मैंने मत्स्य मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला तो उस विभाग में कोई योजना नहीं थी, लेकिन आज मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषाद राज बोट योजना, माता सुकेता केज कल्चर योजना और मत्स्य पालक कल्याण कोष के माध्यम से शिक्षा, विवाह, चिकित्सा और आपदा में आर्थिक सहायता दी जा रही है।
आज प्रदेश का मछुआ समाज खुशहाल हो रहा है और यह सब आपके सही निर्णय और एकजुटता का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि मैं जानता हूँ कि आपके पास कई प्रकार के तथाकथित समाज के ठेकेदार आते होंगे और आपको बहकाने का प्रयास करते होंगे, लेकिन आपने हमेशा निषाद पार्टी और एनडीए पर विश्वास जताया है और यही कारण है कि आज योजनाएँ जमीन पर उतर रही हैं और मछुआ समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
अंत में मंत्री निषाद ने कहा कि एकजुट रहिए, सजग रहिए और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहिए, क्योंकि निषाद समाज अब जाग चुका है और अब कोई भी हमारे हक को छीन नहीं सकता। जय निषाद राज। महाराजा गुह्यराज निषाद की जय। हर-हर महादेव।
