कहा- ‘भगवा झंडी’ दिखाते समय ही हो गया था साजिश का अहसास
धारा लक्ष्य समाचार पत्र

लखनऊ। मक्का मुकर्रमा (सऊदी अरब) के अजीजिया क्षेत्र में भारतीय हज यात्रियों के साथ हो रही अमानवीय बदइंतजामी और उनके नारकीय जीवन को लेकर पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
उन्होंने बताया कि मक्का के होटलों, विशेषकर ‘आसफ अल कुरैशी होटल’ में हालात इतने खराब हैं कि एक-एक कमरे में 8 से लेकर 16 हाजियों को जानवरों की तरह रखा गया है। 16 लोगों पर मात्र एक वॉशरूम उपलब्ध है, जिसकी गंदगी और दूषित पानी कमरों के भीतर तक आ रहा है। लिफ्ट खराब होने और बुनियादी सफाई न होने के कारण बुजुर्ग जायरीन बेहाल हैं।

इतना ही नहीं, वहां परिवारों को भी जबरन अलग कर दिया गया है, जिससे जायरीन मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
अनीस मंसूरी ने इस स्थिति पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि एक हाजी से लगभग 4 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि वसूलने के बावजूद उन्हें ऐसी बदतर स्थिति में धकेलना पूरी तरह संगठित लूट है।
उन्होंने बीते दिनों की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 22 अप्रैल को लखनऊ के मौलाना अली मियां नदवी स्मारक हज हाउस से जब आज़मीने हज को ‘भगवा झंडी’ दिखाकर रवाना किया गया था, वह तभी समझ गए थे कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तहत हज कमेटी ऑफ इंडिया और यूपी हज कमेटी संगठित रूप से हाजियों के लिए परेशानियां पैदा करेगी।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी होटल व एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अनीस मंसूरी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मक्का में रह रहे जायरीनों को तुरंत सुरक्षित और मानक के अनुरूप सुविधाएं प्रदान नहीं की गईं, तो पसमांदा मुस्लिम समाज इस अन्याय के खिलाफ बड़े पैमाने पर मोर्चा खोलेगा।
