जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद की सभी पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि पात्रता की सभी शर्तों को ध्यान में रखते हुए बालिकाओं का चिन्हांकन कर उनके आवेदन-पत्र शत-प्रतिशत भरवाए जाएं, ताकि कोई भी पात्र बालिका योजना के लाभ से वंचित न रहे।
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के छह चरणों के अंतर्गत जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। जन्मी बालिकाओं एवं एक वर्ष का टीकाकरण पूर्ण कर चुकी बालिकाओं के आवेदन भरवाने की जिम्मेदारी मुख्य चिकित्साधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी को सौंपी गई है। इसके लिए आशा, एएनएम तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा।
कक्षा-1 एवं कक्षा-6 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के आवेदन भरवाने का दायित्व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को तथा कक्षा-9 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को जिम्मेदार बनाया गया है। वहीं कक्षा-12 उत्तीर्ण कर स्नातक अथवा कक्षा-10 के बाद दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के आवेदन क्षेत्रीय उच्च शिक्षाअधिकारी एवं संबंधित महा विद्यालयों के माध्यम से भरवाए जाएंगे।
डीएम ने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार में अधिकतम दो बच्चे होना, उत्तर प्रदेश का निवासी होना तथा परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होना आवश्यक है। आवेदन के साथ आधार कार्ड, आय प्रमाण-पत्र, बैंक खाता विवरण, संयुक्त फोटो एवं संबंधित शैक्षिक अथवा टीकाकरण प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को एक-एक नोडल अधिकारी नामित करने और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी को सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर योजना की प्रगति की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि वर्तमान शैक्षिक सत्र में कक्षा-1, कक्षा-6 और कक्षा-9 में प्रवेश के समय ही पात्र बालिकाओं की पहचान कर उनके आवेदन भरवाए जाएं। साथ ही विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को छात्राओं और अभिभावकों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनके क्षेत्र का कोई भी विद्यालय ऐसा न हो जहां पात्र बालिकाओं के आवेदन न भरे गए हों। वहीं सत्यापन अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र आवेदनों को अनावश्यक रूप से निरस्त न किया जाए और केवल अपात्र अथवा त्रुटिपूर्ण आवेदन ही अस्वीकृत किए जाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ जनपद की प्रत्येक पात्र बालिका तक समयबद्ध रूप से पहुंच सके।
