जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
महराजगंज रायबरेली। तहसील परिसर में गुरुवार को अधिवक्ता की सीट पर जमीन के दान पत्र को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया। मामला तब शुरू हुआ जब भगौती प्रजापति अपनी जमीन का दानपत्र अपने दोनों बेटों कन्हैयालाल और रामकुमार के नाम लिखाने अधिवक्ता मनीष तिवारी के पास पहुंचे।
दान पत्र के दौरान दोनों भाइयों में बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। स्थिति बिगड़ती देख तहसील में तैनात गार्ड ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर हल्का दरोगा दिनेश गोस्वामी सिपाही के साथ मौके पर पहुंचे और कन्हैयालाल के बेटे शिवम प्रजापति को कोतवाली ले जाने का प्रयास किया। इस पर अधिवक्ता मनीष तिवारी ने आपत्ति जताई और कहा कि अधिवक्ता की सीट से इस तरह किसी को उठाकर नहीं ले जाया जा सकता।
बात बढ़ने पर दरोगा और अधिवक्ता के बीच बहस हो गई। देखते ही देखते अन्य अधिवक्ता भी एकत्र हो गए और दरोगा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति गंभीर होती देख दरोगा दिनेश गोस्वामी सिपाही के साथ कोतवाली लौट गए। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम गौतम सिंह मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप कर माहौल शांत कराया। दरोगा दिनेश गोस्वामी का कहना है कि वे गार्ड की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे, लेकिन विवाद की स्थिति देखकर बिना किसी कार्रवाई के वापस लौट आए।

