रिपोर्ट रोहित मिश्रा रायबरेली धारा लक्ष्य समाचार
महराजगंज/रायबरेली।स्थानीय कोतवाली क्षेत्र में अधिवक्ता की चेक चोरी कर ₹30,000 की धोखाधड़ी करने वाले दो आरोपियों — अमरेंद्र कुमार और मोनू — से पुलिस द्वारा की गई कथित “वसूली” ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।सूत्रों के अनुसार, थाने में तैनात चर्चित सिपाही अनुज पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने आरोपी अमरेंद्र से “परीक्षा देने” के नाम पर उसकी मोटरसाइकिल अपने पास रख ली और ₹15,000 की नगद राशि ली। वहीं दूसरे आरोपी मोनू को लगभग 30 घंटे तक हिरासत में रखने के बाद ₹10,000 लेकर छोड़ा गया।
यह मामला अब पूरे कस्बे और क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि पीड़ित अधिवक्ता धर्मेश मौर्य को चेक की राशि ₹30,000 के बदले ₹34,000 उनके परिजनों द्वारा दोपहर 2 बजे वापस कर दी गई थी। इसके बावजूद, धर्मेश मौर्य ने शाम 7 बजे थाने में लिखित तहरीर दी, लेकिन कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं समझा।
अब अधिवक्ता और दोनों अभियुक्तों के परिजन, न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह से शिकायत करने की तैयारी में हैं।
❗ प्रमुख सवाल उठते हैं:
पुलिस ने एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की?आरोपी से पैसे लेकर छोड़े जाने की पुष्टि होने पर संबंधित सिपाही पर क्या कार्रवाई होगी?क्या यह मामला पुलिसिया भ्रष्टाचार की मिसाल है?अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर प्रकरण में क्या कदम उठाता है और क्या दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

