Amethi UP: जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में अमेठी की कीर्ति जायसवाल बनी आर्थिक रूप से सशक्त

ओ-लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण से मिला रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

अमेठी। जिले की कटरा लालगंज, गौरीगंज निवासी कीर्ति जायसवाल, पुत्री राजेन्द प्रसाद जायसवाल, ने उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित निःशुल्क ओ-लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाया है।

*पहले की स्थिति – आर्थिक सीमाएँ और संघर्ष*

कीर्ति जायसवाल के परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी। उनके पास इतना बजट नहीं था कि वह महंगे कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले सकें। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने गृहस्थी के साथ-साथ आर्थिक चुनौतियों का सामना किया। परिवार की आय उनके पिता और अन्य सीमित संसाधनों पर निर्भर थी। इस स्थिति में उनकी आर्थिक स्वतंत्रता की चाह और आत्मनिर्भर बनने की आकांक्षा हमेशा बनी रही।

*सरकारी प्रशिक्षण से मिला अवसर*

वर्ष 2021-22 में उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा जिले में निःशुल्क ओ-लेवल कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु विज्ञापन जारी किया गया। कीर्ति ने इसके लिए आवेदन किया और मेरिट के आधार पर चयनित हुईं। प्रशिक्षण अभिलाषा फाउंडेशन, जामों रोड, गौरीगंज में आयोजित किया गया, जहाँ उन्हें कंप्यूटर के विभिन्न पहलुओं की जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

*रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम*

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद कीर्ति जायसवाल ने उत्कर्ष फाउंडेशन, गौरीगंज में कंप्यूटर अध्यापक के पद पर कार्य शुरू किया। इस पद पर उन्हें स्थायी आय प्राप्त हुई और उनके आत्मविश्वास एवं व्यावसायिक कौशल में भी वृद्धि हुई।

*सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण*

कीर्ति जायसवाल की कहानी उन तमाम आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद सरकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता प्राप्त कर सकते हैं।

*जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश*

1. जिले में इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को जो शासनादेश की पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें नियमों के अनुसार लाभान्वित किया जाए।

2. प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्र/छात्राओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।

3. योजना की प्रक्रिया, चयन और लाभ वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और पात्रता मानदंडों का पूरी तरह पालन किया जाए।

4. कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा की जाए ताकि जिले में महिला और युवा सशक्तिकरण को और गति मिल सके।

कीर्ति जायसवाल ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस कदम के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार की पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

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