आत्मनिर्भर भारत अभियान को मिला बल
अमेठी। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PM-FME) ग्रामीण स्तर पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना से लाभान्वित होकर जनपद अमेठी के विकास खण्ड जगदीशपुर, कठौरा औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट संख्या D-9, सेक्टर-4 निवासी श्री भगवत प्रसाद श्रीवास्तव ने अपने उद्यम की शुरुआत की है।
*योजना से मिली वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग*
श्री भगवत प्रसाद श्रीवास्तव ने डी.आर.पी. के सहयोग से पीएम एफएमई पोर्टल पर आवेदन किया और योजनान्तर्गत ₹35 लाख का ऋण प्राप्त किया। इस ऋण से उन्होंने आटा एवं ऑयल मिल के लिए अत्याधुनिक मशीनरी एवं आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा उन्हें प्रोजेक्ट कास्ट का 35% अनुदान भी प्रदान किया गया।
स्थापित हुई “श्रीबालाजी आयल मिल” इकाई
इन संसाधनों से श्रीवास्तव ने “श्रीबालाजी आयल मिल” ब्रांड के नाम से अपनी इकाई स्थापित की। इकाई में आटा, मल्टीग्रेन आटा, बेसन एवं तेल का उत्पादन किया जा रहा है। ये उत्पाद न केवल स्थानीय बाजार बल्कि आसपास के जनपदों में भी विक्रय हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने सरसों का तेल, मैदा एवं मिश्रित आटे का उत्पादन भी प्रारंभ कर अपने व्यवसाय का विस्तार किया है।
*आर्थिक सफलता और रोजगार सृजन*
आज उनकी इकाई लगभग ₹80 लाख का वार्षिक टर्नओवर कर रही है। इस उद्यम से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त हुई है बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं। श्री भगवत प्रसाद श्रीवास्तव की सफलता जिले के अन्य किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।
जिलाधिकारी श्री संजय चौहान (आईएएस) एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल (आईएएस) ने कहा कि पीएम एफएमई जैसी योजनाएँ उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जाएँ।

