धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। स्थानीय रामलीला मंचन में पम्पापुर प्रसंग का मनमोहक चित्रण किया गया। कलाकारों ने बड़े ही जीवंत अभिनय के माध्यम से उस समय का दृश्य प्रस्तुत किया, जब हनुमान जी महाराज सुग्रीव को भगवान श्रीराम द्वारा दिए गए राजपाट की याद दिलाते हैं। इसके बाद लक्ष्मण जी द्वारा पम्पापुर जाकर सुग्रीव को धमकाने का प्रभावी अभिनय किया गया, ।
जिसे देखकर दर्शकों ने खूब सराहना की। सुग्रीव को सब स्मरण होने पर उन्होंने भगवान श्रीराम की सहायता के लिए अपनी वानर सेना के साथ चलने का संकल्प लिया। इसके उपरांत बाली वध प्रसंग तथा हनुमान जी का रौद्र रूप दर्शाते हुए लंका दहन की लीला का अद्भुत मंचन हुआ। जब हनुमान जी की पूँछ में आग लगाई जाती है।
और वे पूरी लंका को जलाकर राख कर देते हैं, तो पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस अवसर पर दर्शक दीर्घा में मौजूद बान सिंह सुखदेव मिस्त्री की पत्नी ने भावविभोर होकर कहा कि “हमने तो अयोध्या के राजा श्रीराम को नहीं देखा, लेकिन इस अभिनय से ऐसा लगता है जैसे जीवन धन्य हो गया।
हम सभी नगरवासी रामलीला समिति के हृदय से आभारी हैं। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रामजी अग्रहरि, महीप अग्रहरि, राकेश अग्रहरि, ओ.पी. सिंह, सभासद प्रतिनिधि शशिकांत गांधी, संतोष अग्रहरि, रविंद्र उर्फ लल्लू अग्रहरि, डॉक्टर मेवालाल, करुणेश अग्रहरि “मास्टर साहब”, माता प्रसाद वैश्य सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

