धारा लक्ष्य समाचार पत्र
गौरीगंज/अमेठी। जनपद के गौरीगंज क्षेत्र के दरपीपुर गाँव में स्थित भगवान चित्रगुप्त की मंदिर पर भैयादूज के अवसर पर एक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रामप्रशाद श्रीवास्तव की अगुवाई में जनपद के सभी कायस्थ समाज के लोगों ने भगवान चित्रगुप्त की पूजा की।भगवान चित्रगुप्त को लेखाकार माना जाता है, जिनके पास कर्मों की एक बड़ी पोथी होती है।
भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता की कामना की जाती है। इस दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से हमें अपने जीवन में नैतिकता और सत्य का पालन करने की प्रेरणा मिलती है। भगवान चित्रगुप्त को यमराज के लेखपाल के रूप में भी जाना जाता है, जो मनुष्यों के अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब रखते हैं।
कायस्थ समाज के लिए भगवान चित्रगुप्त की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन कायस्थ समाज के लोग भगवान चित्रगुप्त की पूजा करते हैं और अपने आय-व्यय का ब्योरा और घर परिवार के बच्चों के बारे में पूरी जानकारी लिखकर भगवान चित्रगुप्त को अर्पित करते हैं। भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से विद्या, बुद्धि और व्यापार में उन्नति होती है।
कार्यक्रम में कायस्थ समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर रामप्रशाद श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से हमें अपने जीवन में नैतिकता और सत्य का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।
भगवान चित्रगुप्त की कृपा से हम अपने जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता प्राप्त कर सकते हैं।इस पूजा में राकेश श्रीवास्तव,धीरेन्द्र श्रीवास्तव, रिषभ श्रीवास्तव, सहित हजारों की संख्या में कायस्थ समाज के लोग उपस्थित रहे।
भगवान चित्रगुप्त की पूजा के दौरान कलम, दवात और कागज का विशेष महत्व है। भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है, फिर भगवान चित्रगुप्त की आरती की जाती है और प्रसाद वितरित किया जाता है।
इस अवसर पर भगवान चित्रगुप्त की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता की कामना पूरी होती है।

