Amethi UP: संस्कारवान,गुणवान पीढ़ी के लिए सम्पन्न हुई संस्कार शिविर

भेंटुआ/अमेठी। मानव जीवन की सफलता इसी में है कि वह अपने से अधिक श्रेष्ठ ,संस्कारवान और गुणवान पीढ़ी का निर्माण करें तभी आज से और बेहतर दुनिया की संरचना हो सकेगी और हमारी संतानों का भविष्य उज्जवल बन सकेगा।उक्त उक्त बातें नौगिरवा स्थित प्रांगड़ में आयोजित संस्कार शिविर में यज्ञ आचार्य पंडित सुभाष चंद्र द्विवेदी ने गर्भोत्सव संस्कार सम्पन्न कराते हुए बताया। मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

      रविवार को गायत्री परिवार अमेठी के तत्वावधान में संस्कार शिविर का आयोजन किया गया। संस्कार शिविर में आत्म विकास ,राष्ट्र विकास समेत अनेकों बाते की गई। संस्कार शिविर में मौजूद भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला समन्वयक राधेश्याम तिवारी ने मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाला शिशु ईश्वर का स्वरूप है,ईश्वर का वरदान है ।

जो निकट भविष्य में परिवार के सुख सौभाग्य, यश कीर्ति का माध्यम बनेगा। सभी को अपने धर्म और परिवार की आस्था के अनुसार अपने इष्ट देवों ,कुल देवों का स्मरण कर उनकी साक्षी में गर्भ के स्वागत सत्कार स्वरूप गर्भोत्सव मनाया जाना चाहिए। इसे गर्भ संस्कार ,पुंसवन, सीमान्तोनयन संस्कार के नाम से भी जाना जाता है जो कि गर्भधारण के तीसरे या सातवें माह में किया जाता है।

प्रत्येक माता-पिता की हार्दिक इच्छा रहती है कि उसकी संतान बहुत सुंदर संस्कारवान बुद्धिमान और स्वस्थ हो इसके लिए गर्भ में ही शिशु का पोषण कर उसके शरीर और शरीर को चलने वाली अंतश्चेतना का विकास किया जाना अवश्यंभावी है। गर्भावस्था में शिशु का शारीरिक मानसिक व आध्यात्मिक विकास कर उसे मन चाहे सांचे में डाला जा सकता है। हमारे घर में भी राम,कृष्ण, भक्त प्रहलाद ,शिवाजी विवेकानंद ,गांधी ,अब्दुल कलाम जैसी प्रतिभाशाली दिव्य संताने जन्म ले सकती हैं। पर इसके लिए माता-पिता और परिवार को प्रयास करने की आवश्यकता है।

इसी के साथ जन्म दिवस,विद्यारम्भ संस्कार सम्पन्न‌ हुए। इसी स्थल पर सम्पन्न हुई जनपदीय कार्यकर्ता गोष्ठी में निर्णय लिया गया कि वन्दनीया माता जी की जन्म शताब्दी वर्ष २०२६ में शान्तिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में अमेठी में नारी जागरण हेतु एक नारी उत्कर्ष का विशद कार्यक्रम महिला टोली द्वारा सम्पन्न कराया जाय।

इस अवसर पर डा त्रिवेणी सिंह, राधेश्याम त्रिपाठी,गया प्रसाद तिवारी, गिरीश चन्द्र पाण्डेय, शिव शरण शुक्ला,डा धर्मेन्द्र कु तिवारी ,डा प्रवीण सिंह, सरिता सिंह,संगीता द्विवेदी, कैलाश नाथ सिंह, अशोक मिश्रा,सुरेश सिंह गीता,कृष्णा, जूली सिंह, रामकली, शिवकुमारी,कंचन,विद्यावती सिंह,मंजू सिंह उपस्थित रहे।

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