Amethi UP: श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण लीलाओं का सुन्दर वर्णन सुन, श्रोता हुए मंत्रमुग्ध

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

भेटुआ/अमेठी। जनपद अमेठी भेटुआ ब्लॉक के बनवारीपुर मे चल रही श्रीमद्भागवत कथा में, कथावाचक आचार्य त्रिवेणी महराज जी ने श्री कृष्ण जी की लीलाओं के बारे में श्रोताओं को बताया और उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण विष्णु भगवान के ही अवतार है, जिन्होंने ने कंस के अत्याचारो से लोगों को मुक्ति दिलाने के लिए माता देवकी के गर्भ से जन्म लिया था।

उनका जन्म पूरे भारतवर्ष मे कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाया जाता है।

कथा में आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की पत्नियों से जुड़े प्रसंग के बारे में लोगों को बताया, उन्होंने स्पष्ट किया कि सनातन धार्मिक शास्त्रों के अनुसार श्रीकृष्ण जी आठ मुख्य पत्नियां थी। जिनके नाम रुक्मणि, जाम्बवंती, सत्यभामा, कालिंदी, मित्रविंदा, सत्या, भद्रा और लक्ष्मणा थे।

आचार्य ने अपने प्रवचन मे रुक्मणी और कालिंदी के विवाह की कथाएं भी सुनाई, उन्होंने ने बताया रुक्मणी भगवान श्रीकृष्ण से प्रेम करती थी और उनसे विवाह करना चाहती थी, जिसके बाद श्रीकृष्ण ने उनका हरण करके विवाह कर लिया था, इसी प्रकार सूर्यपुत्री कालिंदी ने श्री कृष्ण को पति के रूप में पाने के लिए तपस्या की थी, भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी मनोकामना पूरी करके उनसे विवाह किया था।

आचर्य त्रिवेणी महराज ने अपने प्रवचन मे बताया कि भगवान की लीलाएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं है अपितु जीवन में निष्काम भक्ति का महत्वपूर्ण संदेश देती हैं।

इस धार्मिक आयोजन मे मुख्य यजमान राजकुमारी सिंह, दयाशंकर त्रिपाठी, विजय सिंह, करण, विनय, सुनीता और साक्षी सहित कई भक्तगण उपस्थित रहे।

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