Sitapur Uttar Pradesh: खैराबाद में जिलाधिकारी की सख्त कार्रवाई: अस्पताल की अनियमितताएँ उजागर, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल

सीएचसी में लापरवाही पर वेतन कटौती–नोटिस; आईटीआई में 2.62 करोड़ की परियोजना के कार्यों का गुणवत्ता परीक्षण।

 

धारा लक्ष्य समाचार 

शफीक अहमद सीतापुर। जिलाधिकारी डा० राजागणपति आर० ने सोमवार को खैराबाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर औचक निरीक्षण अभियान चलाते हुए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खैराबाद और बाद में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण किया। सीएचसी में इमरजेंसी, लेबर रूम, एनआरसी, पैथोलॉजी, एनबीएसयू और दवा कक्ष सहित सभी महत्वपूर्ण इकाइयों की जाँच करते हुए डीएम ने कई अनियमितताएँ पाईं।

पीएम सुरक्षित मातृत्व दिवस की तैयारियाँ अधूरी मिलने, स्टाफ द्वारा रजिस्टर अद्यतन न रखने और मरीज़ों को बिना उचित प्रक्रिया के रेफर किए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराज़गी जताई। बीपीएम अनुज कुमार और बीएएम के 15-15 दिन के वेतन काटने, एएनएम सुमन लता को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा स्टाफ नर्स पिंकी सिंह और पूनम सिंह को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।

डीएम ने मरीजों से सीधे बातचीत कर अस्पताल सेवाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन किया। उन्होंने निर्देशित किया कि जन्म प्रमाणपत्र डिस्चार्ज के समय ही उपलब्ध कराया जाए, भोजन व नाश्ते की गुणवत्ता मानक के अनुरूप सुनिश्चित की जाए तथा रेफर रजिस्टर और फार्मेसी रिकॉर्ड पूरी तरह अद्यतन रखे जाएँ। दवाओं की मांग पत्र समय से भेजने और परिवार नियोजन गतिविधियों को मजबूती देने के भी निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा० सुरेश कुमार एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके बाद जिलाधिकारी डा० राजागणपति आर० ने आईटीआई खैराबाद में 262.80 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन थीओरी कक्ष, आईटी लैब, लाइब्रेरी, क्लासरूम, सीसी रोड, फायर फाइटिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सेप्टिक टैंक, सोकपिट, बोरिंग एवं टॉयलेट ब्लॉक के कार्यों का निरीक्षण किया।

डीएम ने निर्माण सामग्री, कार्य की गुणवत्ता, प्रगति और डिजाइन का परीक्षण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध व उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ तथा हैण्डओवर प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। परिसर में प्रकाश व्यवस्था और पेयजल सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि और संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Related posts