धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। जनपद में आपराधिक गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर सख्ती बरतते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वार्ड नंबर 13 के जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र भारती को गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत छह माह के लिए जनपद की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) कर दिया गया है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) अर्पित गुप्ता द्वारा जारी आदेश 13 नवंबर 2025 से प्रभावी हो गया है।
जिला सूचना विभाग के अनुसार, ग्राम पेण्डारा, थाना शिवरतनगंज निवासी राजेन्द्र भारती पुत्र तेज बहादुर के खिलाफ लंबे समय से कई शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। बताया गया कि उसके आचरण और दबंगई के कारण क्षेत्र में भय और आतंक का वातावरण बना हुआ था। स्थानीय लोग उसके खिलाफ बयान देने या लिखित साक्ष्य उपलब्ध कराने से डरते थे। इसी आधार पर पुलिस ने उसे गुण्डा तत्व घोषित करते हुए जिला बदर की संस्तुति की।
वह स्वयं को दलितों का मसीहा बताता है और अमेठी में दलित संगठन का अध्यक्ष होने के साथ ही कानून की पढ़ाई भी कर रहा है। वहीँ खुद को वकील और पत्रकार बताकर भी चर्चाओं में रहता है।
पुलिस रिपोर्ट में राजेन्द्र भारती पर कई गंभीर आरोप दर्ज हैं। इनमें विधवा महिला को न्याय दिलाने के दौरान राजस्व कर्मियों से अभद्रता, सड़कों के निर्माण में भ्रष्टाचार के मामलों में विवाद खड़ा करना तथा क्षेत्र में तनाव और दहशत फैलाने जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। जांच में आरोपों की पुष्टि के बाद एडीएम ने उसे छह माह के लिए जिले से बाहर रहने का आदेश जारी कर दिया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में किसी भी असामाजिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति लोकशांति भंग करने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ तत्काल सख्त निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।
जिला पंचायत सदस्य के जिला बदर होने की यह कार्रवाई क्षेत्र तथा प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

