आज दिनांक 26 नवम्बर 2025 संविधान दिवस के अवसर पर एमडीकेपी कॉलेज ऑफ़ लॉ, मकनपुर, बाराबंकी में “न्याय और विकास का मार्ग संविधान के साथ”विषय पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। संविधान दिवस का यह कार्यक्रम भारत सरकार की थीम “हमारा संविधान हमारा स्वाभिमान”के अन्तर्गत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर प्राचार्य डॉ. संजय कुमार एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नित्यानंद बाजपेयी, शिवानी चौहान, सरिता द्विवेदी एवं अमन चंद्र श्रीवास्तव द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि द्वारा किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ.संजय कुमार ने न्याय और विकास को प्राचीन भारतीय मूल्य एवं आदर्शों को संविधान से जोड़ते हुए संविधान के अंतर्गत व्याख्या की।

सुश्री शिवानी चौहान ने कहा कि न्याय और विकास दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं दोनों पारस्परिक संबंधों के को दर्शाते हैं, जहां न्याय होगा वहीं विकास होगा। सुश्री सरिता दुबे ने कहा कि संविधान में मौलिक अधिकारों को हम न्याय के रूप में देख सकते हैं और विकास के रूप में राज्य के नीति निर्देशक तत्वों की गणना की जा सकती है। अमन श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न न्यायिक निर्णय के माध्यम से न्याय और विकास को स्थापित किया है।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. नित्यानंद बाजपेयी ने कहा कि भारत का संविधान वृहद एवं लिखित संविधान है जिसकी गणना विश्व के श्रेष्ठतम संविधान में की जाती है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया और अपने विचार व्यक्त किया इसमें प्रमुख रूप से मनीषा, गायत्री, जूही, शिवम पटेल, करन सिंह, चांदनी, भारत लाल, मयंक, आदित्य, नीलम, रितु, महिमा, श्रेया, आशीष, शिवम यादव, स्वाति, निहारिका, सार्थक, विपिन, अतुल, आकाश,
पीयूष, अंश जायसवाल, अनुभव, नीरज शर्मा, अमित कुमार आदि रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में जितेंद्र पांडेय, दिनेश कुमार यादव, अर्जुन सिंह यादव एवं धीरज कुमार का प्रमुख योगदान रहा।
