भारतीय भाषा पुस्तक लेखन कार्यक्रम को मिली नई दिशा, वाराणसी में कुलपतियों का महामंथन
वाराणसी, 2 जून। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षा मंत्रालय की महत्त्वाकांक्षी पहल ‘भारतीय भाषा पुस्तक लेखन कार्यक्रम’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राष्ट्रीय उपवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय भाषाओं में उच्चस्तरीय ज्ञान-साहित्य के सृजन, भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन तथा मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर विचार-विमर्श हुआ।
भारतीय भाषा समिति के सदस्य डॉ. चन्दन कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भारतीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण पाठ्य-पुस्तकों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उपवेशन में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया और भारतीय भाषाओं को ज्ञान-विज्ञान का सशक्त माध्यम बनाने पर जोर दिया।
विशेषज्ञों ने इस पहल को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों की पूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. शैलेश कुमार मिश्र तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उदयन मिश्र ने किया। आयोजन को भारतीय भाषाओं के माध्यम से ज्ञान-विस्तार और राष्ट्रीय पुनर्जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया।
