धारा लक्ष्य समाचार पत्र
नगर की अग्रणी सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था “कामायनी वाराणसी” द्वारा शुक्रवार 14 दिसंबर को “वन्दे मातरम्” पर आधारित “बतरस” का आयोजन महमूरगंज, वाराणसी स्थित संस्था के कार्यालय में हुआ।
आरंभ में संस्था की कोषाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कलाकार श्रीमती वीणा सहाय ने अभ्यागतों का स्वागत किया। श्रीमती मधु पाण्डेय ‘मृदुला’ के नेतृत्व में उपस्थित जनों द्वारा वन्दे मातरम् के समवेत गायन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विद्वान वक्ता डॉ. गौतम चटर्जी ने वन्दे मातरम् के परिप्रेक्ष्य में शोधपरक जानकारी दी।
सुश्री श्रावन्ती मुखर्जी ने वन्दे मातरम् पर आधारित कथक नृत्य, संस्था के सचिव एवं वरिष्ठ रंगकर्मी श्री अमलेश श्रीवास्तव ने वन्दे मातरम् के भावानुवाद के साथ एकल अभिनय, डॉ. अष्ट भुजा मिश्रा ने नौटंकी शैली में देशभक्ति से ओतप्रोत रचना और श्री बाल मुकुंद त्रिपाठी ने वन्दे मातरम् पर आज के संदर्भ में व्याख्यान दिया। डॉ. लियाकत अली ‘जलज’, नवल किशोर गुप्त, डॉ. रजनी अग्रवाल, सुश्री नीलम मौर्या एवं कमलेश कान्त ने समसामयिक कविताएं प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत श्रीमती मनोरमा शर्मा, डॉ दीपक कुमार एवं श्रीमती मधु पाण्डेय ‘मृदुला’ ने गीत प्रस्तुत किया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. दीपक कुमार ने बतरस की व्याख्या करते हुए बताया कि किसी विधासह कार्यक्रम में जो एकरसता बन जाती है, उसके स्थान पर एक ही विषय संदर्भ के परिप्रेक्ष्य में विभिन्न सांस्कृतिक एवं साहित्यिक माध्यमों का प्रयोग कार्यक्रम को आकर्षक बनाता है और उसे उबाऊ होने से बचाता है। अंत में संस्था के सचिव श्री अमन श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सुप्रसिद्ध उद्घोषक श्री आशुतोष शास्त्री ने कार्यक्रम का कुशल एवं विद्वतापूर्ण संचालन किया। इस अवसर पर श्रीमती सरिता लखोटिया, श्री आर्यप्रिय गंगाजल, श्री शिव कुमार अग्रवाल आदि कलाप्रेमियों की उपस्थिति विशेष उल्लेखनीय रही।
“बतरस” का अगला संस्करण आगामी जनवरी माह के दूसरे रविवार दिनांक 11.01.2026 को सुविख्यात साहित्यकार मोहन राकेश के संदर्भ में आयोजित होगा।

