Sitapur UP: स्वास्थ्य और शिक्षा में लापरवाही पर सख्त डीएम, निरीक्षण से लेकर समीक्षा बैठक तक कड़ा एक्शन

सीएचसी साण्डा व प्राथमिक विद्यालय के औचक निरीक्षण में कार्रवाई, जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर चेतावनी, बीपीएम का वेतन कटा।

धारा लक्ष्य समाचार 

शफीक अहमद

सीतापुर।जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए औचक निरीक्षण और समीक्षा बैठक के माध्यम से कड़ा रुख अपनाया। विकास खण्ड सकरन में सीएचसी साण्डा के औचक निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आने पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के समय प्रभारी चिकित्साधिकारी के अनुपस्थित पाए जाने पर उनका वेतन रोका गया और नोटिस जारी किया गया। साफ-सफाई की खराब स्थिति पर बीपीएम जयन्त नाथ तिवारी का 15 दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए। विभिन्न कक्षों के रजिस्टरों में खामियां मिलने पर स्टाफ नर्स सविता, नीतू गुप्ता व सरिता वैश्य को नोटिस जारी किए गए, जबकि ड्यूटी से अनुपस्थित डॉ. अंकिता का भी वेतन रोका गया। जिलाधिकारी ने मरीजों से संवाद कर उपचार व भोजन की गुणवत्ता की जानकारी ली और संस्थागत प्रसव बढ़ाने के निर्देश दिए।

इसके बाद प्राथमिक विद्यालय टेड़वा कलां का निरीक्षण कर पढ़ाई, मिड-डे-मील, पेयजल व साफ-सफाई की जांच की गई। बच्चों से संवाद कर शिक्षकों को अभिभावक की तरह जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्य चिकित्साधिकारी की अनुमति के बिना कोई भी चिकित्साधिकारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा, अन्यथा कड़ी कार्रवाई होगी। अस्पतालों की व्यवस्थाएं सुधारने, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव व टीकाकरण, डाटा फीडिंग की शुद्धता तथा वीएचएसएनडी को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। विकास खण्ड बेहटा में तैनात बीपीएम राहुल पाण्डेय की लापरवाही पर 15 दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए।

जिलाधिकारी ने मातृ व शिशु मृत्यु दर घटाने, प्रत्येक प्रकरण का डेथ ऑडिट करने तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को पूरी तरह सुचारू रखने पर जोर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी मूलभूत सेवाओं में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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