धारा लक्ष्य समाचार पत्र
भेटुआ/अमेठी। जनपद के भेंटुआ ब्लॉक अंतर्गत ग्रामसभा अमेयमाफी के विक्रमपुर व सेतु का पुरवा बरतला सहित आसपास के दर्जनों गांवों में आवारा पशुओं का आतंक किसानों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। खेतों में खड़ी फसलें लगातार आवारा पशुओं द्वारा रौंदी और चरी जा रही हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि अपनी मेहनत की फसल बचाने के लिए उन्हें रात-रात भर खेतों में जागकर पहरा देना पड़ रहा है। ठंड और अंधेरे में खेतों की रखवाली करना न सिर्फ कठिन है, बल्कि जान जोखिम में डालने जैसा भी है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस समस्या से ओम प्रकाश यादव, शिव मूरत यादव, शिवराम यादव, सारी काली, बजरंगी और यूसुफ अली सहित कई किसान जूझ रहे हैं। वहीं अशोक सिंह फौजी, रामचंद्र कश्यप, सरवन सिंह, जोगन यादव, इरशाद अली, अरविंद मिश्रा, राम प्रताप यादव, अंकल यादव, ओम प्रकाश पांडे सहित अन्य किसान भी आवारा पशुओं से फसल नष्ट होने के कारण परेशान हैं।
स्थानीय किसानों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। किसानों की मांग है कि आवारा पशुओं को तत्काल पकड़कर नजदीकी गौशालाओं में भेजा जाए, ताकि उनकी फसल सुरक्षित रह सके।
किसानों ने शासन-प्रशासन से जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ खेती छोड़ने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल किसान प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

