Varanshi UP: रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम वाराणसी को दिया नोटिस

क्षेत्रीय अध्यक्ष इंद्रेश कुमार मिश्रा ने दी चेतावनी ।

धारा लक्ष्य समाचार पत्र 

वाराणसी आपको भलिभॉति संज्ञान में है कि जब से आप वाराणसी क्षेत्र में आये है तब से लगातार संगठन द्वारा कर्मचारियों के अनेक समस्याओं के निराकरण हेतु मांगपत्र एवं वार्ता हेतु दिये गये और वाराणसी क्षेत्र के कर्मचारी समस्याओं के निराकरण के लिए लगातार व्यक्तिगत रूप से भी हम लोगो द्वारा अवगत कराया गया लेकिन आपके स्तर से कर्मचारी समस्याओं का निराकरण नः कराते हुए बल्कि उत्पीडात्मक कार्यवाही की जा रही है,

जिसमे मुख्यतः निम्न बिन्दु सम्मिलित थे स्थानान्तारण निती हेतु निर्गत शासनादेश एवं मुख्यायल के गाईड लाईन से इंतर जाकर सगठन के मुख्य प्रदाधिकारियों का जानबूझ कर स्थानानारण किये गये,स्थानान्तरण निती के विपरित जाकर लगातार भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हुए अब तक लगभग 190 स्थानानारण किये गये, जिसमें अधिक से अधिक परिविक्षा अवधि के भी कार्मिको का स्थानान्तराण नियम विरुद्ध जाकर करते हुए संगठन के पदाधिकारी एवं कार्मिकों को जानबूझ कर उत्पीडन किया गया,।

अपने कार्यालय में एक ही संगठन के मुख्य पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण पटल पर तैनात कर अन्य संगठन के पदाधिकारियों को विरुद्ध उत्पीडात्मक कार्यवाही करान,कई बार प्रोन्नति से इन्कार करने वाले कार्मिक को भी अपने इकाई में मुख्यालय के निर्धारित नियम विरुद्ध बिल में भ्रष्टाचार हेतु

बनाये रखने,सहायक कोषाध्यक्ष प्रमोशन में नियमों के विरूद्ध अयोग्य कामिक का प्रमोशन एवं योग्य कार्मिक को प्रमोशन से बचित किये जाने,वार्ता के दौरान सहमति बिन्दुओं का अनुश्रवण कराने,ए०सी०पी० के प्रकरणों में सामूहिक निर्णय नष्टाचार धन उगाही के तहत पृथक पृथक निर्णय लेने।

हाल ही में क्षेत्रीय मंत्री का अनावश्यक निलम्बन वारने।विगत पूर्व भ्रष्टाचार निवारण (एन्टीकरप्सन) टीम की कार्यवाही के दौरान भ्रष्टाधार में सलिमा कार्मिक को कार्यालय में बनाये रखने,लघु सफाई एवं बस स्टेशन पर संभालित जनरेटर बील में गम्भीर अष्टाधार करने,

बस स्टेशन पर नियम के विरुद्ध दुकान / स्टार अनुबन्धपत्र के विपरित जाकर अधिक जगह दिया गया और अन्य समान बेचा जा रहा है एन्टी करप्शन की कार्यवाही में भ्रष्टाचार में संलिप्त कम्यूटर आपरेटर को उसी स्थान पर बनाये रखना जो विगत 09 वर्षों से उसी पटल पर संबद्ध है।

नोटिस में दर्शाये गये बिन्दुओं कर निराकरण यदि 72 घंटे में नही किक जाता है तो संगठन बाध्य होकर आन्दोलात्मक कार्यवाही धरना प्रदर्शन / आमरण अशन एक अन्य नियमानुसार प्रदर्शन) किया जायेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रबन्ध तन्त्र की होगी।

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