Barabanki UP: करोड़ो की लागत से लग रहे खड़ंजे में पीली ईंट का उपयोग,  ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लगाया भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप

धारा लक्ष्य समाचार पत्र 

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। जिले की नवाबगंज तहसील क्षेत्र में सिंचाई विभाग के भ्रष्टाचार से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां नहर पटरी पर 2.5 करोड़ की लागत से लग रहे 11 किलोमीटर लंबे खड़ंजे में मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए पीली ईंट लगाने का आरोप लगा है। भाकियू (भानू) के जिलाध्यक्ष राधे रमन ने खड़ंजा निर्माण में हो रहे भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोलते हुए धरना प्रदर्शन का अल्टीमेटम दिया है।

क्या है पूरा मामला?

आपको बताते चले चले कि बाराबंकी-हैदरगढ़ मार्ग पर स्थित नानमऊ के निकट नवाबगंज रजबहा की दाहिनी पटरी पर करीब ₹2.5 करोड़ की लागत से 11 किलोमीटर लंबे खड़ंजे का निर्माण सिंचाई विभाग द्वारा कराया जा रहा है। यह पूरा कार्य सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राजीव की देखरेख में चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों को ताक पर रखकर लाल ईंट की जगह धड़ल्ले से पीली ईंट लगाई जा रही है।

भाकियू (भानू) ने धरना प्रदर्शन का दिया अल्टीमेटम

भाकियू भानू के जिलाध्यक्ष राधे रमन के अनुसार खड़ंजा निर्माण में अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की आपसी मिलीभगत के चलते गुणवत्ता के साथ जमकर खिलवाड़ किया जा रहा है। घटिया क्वालिटी की पीली ईंट इस ओर इशारा कर रही है कि सरकारी धन की जमकर बंदरबांट कर निजी जेबों को भरा जा रहा है। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार न होने पर धरना प्रदर्शन का अल्टीमेटम भी जिला प्रशासन को दिया है।

करोड़ो की लागत से लग रहे खड़ंजे में पीली ईंट का उपयोग, ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग पर लगाया भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप

डीएम तक भी पहुंची भ्रष्टाचार की गूंज

वही एक स्थानीय ग्रामीण ने इसे लेकर बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि जहां एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ सख्ती की मिसाल पेश कर रहे है। वही दूसरी तरफ सिंचाई विभाग के अफसर अपनी खाऊ कमाऊ नीति से उनकी और उनकी सरकार की छवि धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने डीएम से गुणवत्ता की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है

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