Varanshi UP: न्यायिक गरिमा और अधिवक्ताओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा उठा।

हाईकोर्ट व जिला जज को भेजा गया पत्र, बनारस के अधिवक्ताओं में चर्चा।

वाराणसी | विधि संवाददाता

जिला न्यायालय वाराणसी की विभिन्न अदालतों में अधिवक्ताओं के लिए सम्मानजनक और पर्याप्त बैठने की व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं बार के पूर्व पदाधिकारी शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा इस विषय में माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद तथा माननीय जनपद न्यायाधीश, वाराणसी को औपचारिक पत्र प्रेषित किया गया है।

पत्र में यह गंभीर तथ्य रेखांकित किया गया है कि जिला न्यायालय की अधिकांश अदालतों में अधिवक्ताओं के बैठने हेतु पर्याप्त कुर्सियाँ उपलब्ध नहीं हैं। कई अदालतों में मात्र 10 से 15 कुर्सियों की व्यवस्था होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में उपस्थित अधिवक्ताओं—विशेषकर वरिष्ठ अधिवक्ता, दिव्यांग अधिवक्ता एवं अस्वस्थ अधिवक्ता—को पैरवी के दौरान खड़े रहकर या असहज स्थिति में कार्य करना पड़ता है।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था के Officer of the Court होते हैं और न्यायिक प्रक्रिया के सुचारु संचालन में उनकी भूमिका केंद्रीय है। ऐसे में उनके लिए उचित बैठने की व्यवस्था न होना केवल सुविधा का अभाव नहीं, बल्कि न्यायपालिका की गरिमा और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ा विषय है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ न्यायालयों में बैठने की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर है, जो यह दर्शाता है कि यदि इच्छा हो तो सभी अदालतों में यह सुविधा सुनिश्चित की जा सकती है। इसी आधार पर मांग की गई है कि भीड़भाड़ वाले न्यायालयों में विशेष रूप से पर्याप्त कुर्सियाँ, सुव्यवस्थित बैठने के स्थान और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ।

उल्लेखनीय है कि इस पत्र की प्रति बनारस के अधिवक्ता संगठनों को भी सूचनाार्थ प्रेषित की गई है, जिससे यह विषय अब अधिवक्ता समुदाय में व्यापक चर्चा का केंद्र बन गया है। अधिवक्ताओं का मानना है कि यदि इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई होती है, तो इससे न केवल अधिवक्ताओं की कार्यस्थितियाँ बेहतर होंगी, बल्कि न्यायिक कार्य की दक्षता और गरिमा में भी वृद्धि होगी।

यह पहल ऐसे समय में आई है, जब न्यायालयों में कार्यभार और अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में न्यायिक प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण विषय के रूप में उभरता दिख रहा है।

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