स्वामी विवेकानन्द के अधूरे सपने को पूर्ण करने का कार्य कर रहा है संघ — अनिल
सुभाष चन्द्र बोस ने पथ संचलन देख डॉ0 हेडगेवार से भेंट की।
काशी। स्वामी विवेकानन्द के अधूरे सपने को पूर्ण करने का कार्य संघ कर रहा है। महामना मालवीय जी का एक स्वप्न था कि गांव—गांव में हिन्दू समाज एक साथ बैठे, एक साथ कथा प्रवचन करे और सभी गांव में पाठशाला और मल्लशाला अनिवार्य रूप से हो। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महापुरुषों के इन विचारों को मूर्त रूप दे रहा है। उक्त विचार काशी हिन्दू विश्व विद्यालय स्थापना दिवस पर आयोजित पथ संचलन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने व्यक्त किये।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के एडीवी मैदान में आयोजित पथ संचलन कार्यक्रम में स्वयंसेवकों को सम्बोधित करते हुए वक्ता ने कहा कि आज भारत के प्रत्येक शहर में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से अध्ययन प्राप्त छात्र अनेक प्रकार के सेवा कार्यों के माध्यम से राष्ट निर्माण कर रहे हैं।
इस कार्य की प्रेरणा महामना मालवीय जी से मिलती है। जिस नवीन शिक्षा पद्धति को हम लागू करना चाहते हैं, महामना ने भारत के मूल अधिष्ठान को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय में वही शिक्षा पद्धति लागू की। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयन्ती पर उन्हें स्मरण करते हुए वक्ता ने कहा कि सुभाष बाबू ने नागपुर स्टेशन से पथ संचलन को देखा तब उन्होंने डॉ0 हेडगेवार से भेंट की।
महर्षि अरविन्द के उत्तर पाड़ा में दिये गये भाषण को उद्धृत करते हुए क्षेत्र प्रचारक जी ने बताया कि अगर सनातन का उत्थान होगा तो भारत का उत्थान होगा और यदि सनातन का पतन होगा तो भारत का पतन होगा। वर्तमान परिवेश में भारत का हर ओर उत्थान हो रहा है।
संघ के शताब्दी वर्ष के विषय में वक्ता ने बताया कि संघ ने विगत सौ वर्षों में सनातन को इतना ऊँचा उठाया है कि विरोधी भी मंदिरों में माथा टेक रहे है। वर्तमान में संघ सुदूर पूर्वोत्तर के राज्यों में भी शाखाएं लगाता है। भारत के प्रथम गांव माणा में भी वर्ष के छ: महीने शाखा लगती है।
सुदूर दक्षिण कन्या कुमारी में जहां पचास प्रतिशत आबादी इसाई हो गयी है वहां स्वयंसेवकों द्वारा जिले के प्रत्येक गांव में सेवा कार्य किया जा रहा है। स्थापना दिवस पथ संचलन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्युत अभियंत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो0राजीव कुमार सिंह ने कहा कि महामना के विचारों का वटवृक्ष आज 111वां स्थापना दिवस मना रहा है। इसके मूल में समाज के प्रत्येक वर्गों के लोगों का सहयोग रहा है।
काशी विभाग के मा0विभाग संघचालक प्रो0 जयप्रकाश लाल एवं मा0 नगर संघचालक प्रो0 विवेक पाठक मंचासीन रहे। कार्यक्रम के प्रारम्भ में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का कुलगीत मंचकला संकाय की छात्राओं ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में गणगीत कृष्णा, अमृत वचन मयंक एवं एकल गीत अतुल ने प्रस्तुत किया।
प्रार्थना के उपरान्त स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में घोष की धुन पर पथ संचलन किया। जो विश्वविद्यालय स्थित विश्वनाथ मन्दिर मार्ग से होते हुए छात्र संघ भवन, सिंह द्वार एवं रविदास गेट होकर ट्रामा सेन्टर स्थित स्थापना स्थल पहुंचकर सम्पन्न हुई।
जहां मुख्य अतिथियों द्वारा सरस्वती पूजन किया गया। वन्देमातरम के गायन के पश्चात कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम का संचालन सह नगर कार्यवाह अभिषेक डोबले ने किया।
स्थापना दिवस पथ संचलन में मुख्य रूप से काशी प्रान्त के सह प्रान्त कार्यवाह डॉ0राकेश , प्रान्त प्रचारक रमेश , सह प्रान्त प्रचारक सुनील , काशी विभाग के विभाग कार्यवाह राजेश , सह विभाग कार्यवाह डॉ0आशीष , विभाग प्रचारक नीतिन जी, काशी दक्षिण भाग के मा0भाग संघचालक अरुण ,
सह भाग संघचालक डॉ0आर.एन.चौरसिया, भाग प्रचारक आदर्श सहित बड़ी संख्या में संघ के कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। दर्शक दीर्घा में समाज के गणमान्य नागरिकों सहित मातृशक्ति उपस्थित रही।

