धारा लक्ष्य समाचार पत्र
साहित्यकार समाज की हर घटना की समीक्षा करता है: अनुपम पांडेय
अमेठी। उत्तर प्रदेश राज्य के स्थापना दिवस के शुभ अवसर यूपी दिवस पर संग्रामपुर के मौहरिया बनवीरपुर में कवि व पत्रकार सुधीर रंजन द्विवेदी के संयोजन में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान संघ संग्रामपुर के अध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना ने किया।
वरिष्ठ कवि पं.रामबदन शुक्ल पथिक की अध्यक्षता में संपन्न कवि सम्मेलन का सरस संचालन युवा कवि अंकित तिवारी ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतापगढ़ से आए कवि शीतला सुजान की वाणी वंदना से हुआ। इसके बाद परवाना प्रतापगढ़ी ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम पर समर्पित एक एक कर कई छंद सुनाए। उन्होंने अपनी सुप्रसिद्ध काव्य कृति राम रसायन से सुनाए तो माहौल में जय श्री राम का जयकारा गूंज उठा।
कवि सुरेश शुक्ल नवीन की रचना,
“दर्द हमको मिला वो संवरते रहे।
बनके खुश्बू जहां में बिखरते रहे।
एक भी बूंद पानी न हमको मिला,
हम तरसते रहे वो बरसते रहे” को जमकर सराहा गया।
हरिवंश शुक्ल शोर्य ने पढ़ा, “शक्तिशाली भारत माता नागिन सी फुफकार रही,
ज़ख्म नहीं सहे जाते अब, बार बार उद्गार रही।”
शीतला सुजान ने पढ़ा,
“कमजोरो को लूटमार थाने में गड्डी फेंको,
किसी विधायक सांसद के घर जाकर मत्था टेको।”
रामेश्वर सिंह निराश ने पढ़ा,
“यूक्रेनियो से पूंछों उनका बसंत कब,
जब बंद होय जंग तौ समझौ बसंत है।”
चंद्र प्रकाश पाण्डेय मंजुल ने पढ़ा,
“तू समझत्या छोटा मोटा,
सब चापि जाब सांसद कोटा।”
अनूप त्रिपाठी ने पढ़ा,
“चुनाव आते ही नेतागण फलसफा बताते हैं,
हिंदू मुस्लिम में ये ही भेद बताते हैं।”
अंकित त्रिपाठी ने पढ़ा,
एसआईआर का विरोध जो करोगे यदि,
राम की कसम है जुबान काट देंगे हम।”
सुधीर रंजन ने पढा,
“आजकल उनसे सामना नहीं होता,
गर संभलते हादसा नहीं होता,
सब अपने कर्मो का खेल है रंजन,
वक्त अच्छा या बुरा नहीं होता।”
जगदंबा तिवारी मधुर ने पढ़ा,
“आवत अहै चुनाव कै गर्मी
कूदे भैंस सियार पानी मां।”
कवि सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में आए रेलवे सलाहकार बोर्ड के सदस्य अनुपम पांडेय ने भी काव्यपाठ किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे भौसिंहपुर ग्राम प्रधान अशोक कुमार उपाध्याय रज्जू ने कहा कि साहित्य की गांव तक पहुंच होना शुभ संकेत है।
कार्यक्रम में रमाकांत तिवारी, धीरेन्द्र मिश्र, हनुमान प्रसाद तिवारी, गिरीश तिवारी, चंदन दूबे, चंचल तिवारी, अंकित सिंह, डंपी सिंह, लवलेश दूबे, राम कृपाल यादव, जगदीश वर्मा, सूर्य नारायण सिंह, प्रधान तिवारी, सोनू तिवारी, शंकर वर्मा, राजबहादुर पाल, राजकरन पाल, राम-लखन वर्मा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

