Varanasi UP…क्षत्रिय करणी सेना का वाराणसी सिगरा कार्यालय भव्य रूप से उद्घाटित।

  1. क्षत्रिय करणी सेना का वाराणसी सिगरा कार्यालय भव्य रूप से उद्घाटित।
  2. यूजीसी विधेयक के विरोध में कोर ग्रुप बैठक।
  3. वाराणसी।क्षत्रिय करणी सेना के वाराणसी सिगरा स्थित कार्यालय का भव्य उद्घाटन समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुकेश सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सभापति सिंह (प्रधान), पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष ने की।
    उद्घाटन समारोह में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें अमित सिंह (उत्तर प्रदेश महासचिव), राजेंद्र सिंह (राजू) उपाध्यक्ष पूर्वांचल, अजय सिंह जिलाध्यक्ष जौनपुर, विपिन सिंह जिलाध्यक्ष वाराणसी प्रमुख रूप से शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन जाह्नवी सिंह रघुवंशी, महिला विंग जिलाध्यक्ष वाराणसी एवं डॉ. संजीव सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर मिर्जापुर, जौनपुर और भदोही जनपदों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    कार्यालय उद्घाटन के पश्चात क्षत्रिय करणी सेना काशी की कोर ग्रुप बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित यूजीसी कानून में परिवर्तन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में यूजीसी द्वारा लाए गए वर्तमान विधेयक की कड़ी भर्त्सना की गई।
    कोर ग्रुप बैठक में सर्वसम्मति से यह कहा गया कि यह विधेयक छात्रों और युवाओं के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है। संगठन ने आरोप लगाया कि यह विधेयक बिना आम राय, बिना व्यापक विमर्श और बिना छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक संगठनों की सहमति के लाया गया है, जो एक अलोकतांत्रिक प्रक्रिया को दर्शाता है।
    बैठक में यह मांग की गई कि उक्त विधेयक को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। साथ ही यह भी कहा गया कि जनहित को ध्यान में रखते हुए विधेयक को सार्वजनिक परामर्श, विशेषज्ञों की सलाह और आम सहमति के बाद संशोधित कर पुनः प्रस्तुत किया जाए, ताकि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो।
    पूर्वांचल क्षत्रिय करणी सेना ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस जनविरोधी विधेयक को बिना संशोधन लागू करने का प्रयास किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन, ज्ञापन और अन्य संवैधानिक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य पर किसी भी प्रकार का प्रयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समाज इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा।

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