Varanasi UP…आईआईटी (बीएचयू) में कार्डियक वैलनेस वर्कशॉप एंपावरिंग लाइफ सेविंग स्किल्स 2026 का पहला दिन सफलता पूर्वक हुआ संपन्न।

आईआईटी (बीएचयू) में कार्डियक वैलनेस वर्कशॉप एंपावरिंग लाइफ सेविंग स्किल्स 2026 का पहला दिन सफलता पूर्वक हुआ संपन्न।

वाराणसी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला कार्डियक वैलनेस वर्कशॉप एंपावरिंग लाइफ सेविंग स्किल्स 2026 का पहला दिन आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला मानविकी अध्ययन विभाग द्वारा स्किल सेंटर, आईएमएस, बीएचयू के सहयोग से आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में प्रो. एस.एन. संखवार निदेशक, आईएमएस-बीएचयू मुख्य अतिथि के रूप में तथा प्रो. ए.के. नेमा, महासचिव, विश्वविद्यालय खेल बोर्ड एवं पूर्व डीन, छात्र कल्याण, बीएचयू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, दोनों अतिथियों ने सीपीआर, प्राथमिक उपचार और कार्डियक वेलनेस तकनीकों के अभ्यास की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि ये तकनीकें आपात स्थिति में जीवन बचाने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, और प्रो.अमित पात्रा डायरेक्टर आईआईटी बीएचयू के संरक्षण में आज की कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
कार्यशाला में प्रो. राजेश कुमार मीणा (प्रोफेसर इंचार्ज, स्किल सेंटर, आईएमएस-बीएचयू) तथा प्रो. कविता मीणा (एनेस्थीसिया विभाग, आईएमएस-बीएचयू) मुख्य विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। प्रथम सत्र में विशेषज्ञों ने मैनिकिन पर सीपीआर की व्यावहारिक जानकारी, डेमोंस्ट्रेशन और सुरक्षा सावधानियों पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिससे प्रतिभागियों को जीवन रक्षक तकनीकों की व्यावहारिक समझ प्राप्त हुई। कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. सतीश कनौजिया ने सत्रों का सक्रिय रूप से संचालन किया और बताया कि देशभर से 500 से अधिक प्रतिभागी इस कार्यशाला में भाग ले रहे हैं, जिसमें से 200 से ज्यादा प्रतिभागियों ने मैनिक्विन पर अभ्यास किया, जो इसकी राष्ट्रीय स्तर की महत्ता को दर्शाता है। और इस कार्यशाला की सहायक आयोजन सचिव डॉ. कविता वर्मा ने आज की मंच का संचालन बहुत ही शानदार तरीके से किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशेषज्ञों को मानविकी अध्ययन विभाग, आईआईटी (बीएचयू) की आयोजन टीम द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मानविकी अध्ययन विभाग, आईआईटी (बीएचयू) के कई वरिष्ठ शिक्षक एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. पी.के. पांडा, प्रो. अजीत कुमार मिश्रा, प्रो. महोबिया, प्रो. विनिता चंद्रा, डॉ. शैल शंकर, डॉ. अनिल ठाकुर, डॉ. मनहर चरण, डॉ.अमृता द्विवेदी डॉ. ताराचंद, डॉ. विश्वजीत सरदार और डॉ. विजय वर्मा प्रमुख रूप से शामिल थे, और इस राष्ट्रीय कार्यशाला को सफल बनाने में आयोजन समिति के सदस्य करन रावत, अमन कुमार शर्मा, विशाल दूबे ,वसुंधरा मिश्रा, सिद्धि, मीठी शुक्ला, इशिता, मधुलिका द्विवेदी और अन्य शोधार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन कोषाध्यक्ष डॉ. शैल शंकर द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्डियक आपात स्थितियों की पहचान करना, प्रभावी सीपीआर देना, तुरंत प्राथमिक उपचार प्रदान करना और कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ कार्य करने की क्षमता विकसित करना है। यह कार्यशाला प्रतिभागियों को जीवन रक्षक कौशल से सशक्त बनाने और हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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