धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। जिले के विकासखंड अमेठी अंतर्गत ग्राम सभा नरैनी में आयोजित श्रीमदभागवत कथा का शुभारंभ प्रथम दिवस श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। कथा का आरंभ “सच्चिदानंदरूपाय विश्वोत्पत्त्यादि हेतवे” श्लोक के पावन उच्चारण से हुआ, जिससे संपूर्ण पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
कथा वाचन के लिए बद्री आश्रम से पधारे पूज्य आचार्य दंडी स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने प्रथम दिन श्रीमद्भागवत कथा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र करने से मनुष्य के समस्त दुःख दूर हो जाते हैं और चारों ओर शांति की अनुभूति होती है। इससे मृत्यु भय का नाश होता है, पितरों को शांति प्राप्त होती है तथा आत्मिक ज्ञान की प्राप्ति होती है।
प्रथम दिवस की कथा में धुंधकारी की प्रसंग सुनाया गया, जो प्रेत योनि में भटक रहा था और भागवत कथा के श्रवण से उसका उद्धार हुआ।
महाराज ने बताया कि सच्ची श्रद्धा से कथा सुनने पर भगवान स्वयं भक्त का उद्धार करते हैं। साथ ही राजा परीक्षित की कलियुग से मुक्ति और मृत्यु भय से मुक्त होने की कथा का भी सुंदर वर्णन किया गया।
कथा के मुख्य यजमान राम धीरज पाण्डेय एवं मंजुला पाण्डेय हैं। इस अवसर पर रविशंकर पांडे, ओम शंकर पांडे, संचित पांडे, अंकित पांडे, शांतनु, प्रांजल, सुधांशु, प्रणव, सानिध्य, कार्तिकेय सहित क्षेत्र की बड़ी संख्या में महिलाएं व श्रद्धालु भगवान श्री नारायण की कथा सुनने पंडाल में उपस्थित रहे।

