Varanasi UP…सपनों की पगडंडियां’ पर मंथन को तैयार वाराणसी, एआई और बनारस की आत्मा पर होगी चर्चा।

सपनों की पगडंडियां’ पर मंथन को तैयार वाराणसी, एआई और बनारस की आत्मा पर होगी चर्चा।

वाराणसी! अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, पहड़िया के ऑडिटोरियम में 17 फरवरी (मंगलवार) को प्रातः 11 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक पुस्तक पर्व एवं एकल परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक विजय विनीत की कृतियों-‘सपनों की पगडंडियां’, ‘जर्नलिज्म AI’ और ‘मैं इश्क लिखूं, तुम बनारस समझना’ पर केंद्रित यह आयोजन साहित्य और समकालीन विमर्श का विशेष अवसर बनेगा।

‘मेरा शहर’ की अध्यक्षा सोनल उपाध्याय ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल पुस्तक विमोचन या चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह साहित्य, विचार और युवा चेतना का उत्सव होगा। उन्होंने कहा, “बनारस की सांस्कृतिक धारा सदैव ज्ञान और सृजन की वाहक रही है। ‘सपनों की पगडंडियां’ जैसी कृतियां युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देती हैं। वहीं ‘जर्नलिज्म AI’ आज के बदलते मीडिया परिदृश्य को समझने का अवसर प्रदान करती है।”

सोनल उपाध्याय ने कहा कि ‘मैं इश्क लिखूं, तुम बनारस समझना’ के जरिए बनारस की आत्मा, संवेदना और परंपरा के विविध आयामों पर भी चर्चा होगी। कार्यक्रम में शिक्षाविद, साहित्यकार, पत्रकार और छात्र-छात्राएं सहभागिता करेंगे।
आयोजन के दौरान पुस्तक एवं चित्र प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। परिचर्चा में श्रोताओं को वक्ताओं से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा।

उन्होंने शहर के साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है। कार्यक्रम के उपरांत अल्पाहार की व्यवस्था रहेगी।

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