चार लेबर कोड के विरोध में पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ का मशाल जुलूस।
वाराणसी, 12 फरवरी 2026।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (PRKS), वाराणसी मंडल द्वारा गुरुवार सायं 05:00 बजे केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्री रमेश मिश्रा के नेतृत्व में PRKS कार्यालय से डीजल लॉबी तक मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस भारत सरकार द्वारा 26 श्रम कानूनों को समाप्त कर उन्हें 4 लेबर कोड में समाहित किए जाने के विरोध में आयोजित किया गया।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि नए श्रम संहिताओं से संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे तथा शोषण की आशंका बढ़ेगी। उन्होंने आशंका जताई कि मजदूर, उद्योग एवं कार्य दिवस की नई परिभाषाएं कर्मचारियों के अधिकारों को सीमित कर सकती हैं।
संघ ने फिक्स्ड टर्म रोजगार व्यवस्था, राष्ट्रीय फ्लोर वेज फार्मूला, अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के अनुरूप कार्य के घंटों में बदलाव, एनपीएस एवं यूपीएस को बढ़ावा, तथा निजीकरण, निगमीकरण और ठेकेदारी में वृद्धि जैसे मुद्दों पर भी चिंता व्यक्त की।
वक्ताओं ने कहा कि रेलवे एक सेफ्टी कैटेगरी का विभाग है। ऐसे में दैनिक ड्यूटी के घंटे बढ़ाए जाने से कर्मचारियों में मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ेगी, जिससे सुरक्षा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लंबी ड्यूटी के कारण कर्मचारियों को परिवार के साथ समय बिताने का अवसर कम मिलेगा, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
संघ ने यह भी बताया कि नए नियमों के तहत बेसिक पे को 50 प्रतिशत निर्धारित करने से भविष्य निधि (PF) में कटौती बढ़ेगी, जिससे कर्मचारियों की मासिक टेक-होम सैलरी कम हो जाएगी। इसका सीधा असर मध्यमवर्गीय रेल परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ेगा। रनिंग अलाउंस, नाइट ड्यूटी अलाउंस और यात्रा भत्ता जैसे भत्तों पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई।
कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन के साथ संवाद और वार्ता का दायरा संकुचित होने से समस्याओं के समाधान में कठिनाई आ सकती है, जिससे कार्य दक्षता प्रभावित हो सकती है। साथ ही फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट और कॉन्ट्रैक्ट लेबर की बढ़ती व्यवस्था से स्थायी नियुक्तियों में कमी और विभाग के निजीकरण की आशंका भी व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार सुरक्षा, सेवानिवृत्ति लाभ एवं पेंशन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
प्रदर्शन में रेलवे के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रमुख रूप से मुरारी लाल मिश्र, रामप्यारे शर्मा, पी.डी. श्रीवास्तव, श्याम झा (मंडल मंत्री), अरविंद कुमार (मंडल संगठन मंत्री), संजय तिवारी, जितेंद्र कुमार, अविनाश मिश्रा, अब्दुल अख्तर, मोहम्मद जावेद, राम भवन, परविंदर श्रीवास्तव, जितेंद्र तिवारी, राहुल कुमार, मनोज कुमार गुप्ता, शम्भू कुमार, उज्ज्वल उपाध्याय, बृजेश कुमार, आजाद रामभवन, फारुख सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
संघ ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए श्रम संहिताओं की समीक्षा की जाए और रेलवे कर्मचारियों की सुरक्षा एवं सेवा शर्तों को संरक्षित रखा जाए।

