धारा लक्ष्य समाचार पत्र
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय बचाने के लिए हम अक्सर रात का गुंधा हुआ आटा फ्रिज में रख देते हैं ताकि सुबह रोटियां जल्दी बन जाएं। सुविधा के लिए यह ठीक है, लेकिन आयुर्वेद और विज्ञान दोनों ही ताज़े आटे की रोटियों को सेहत के लिए बेहतर मानते हैं।
फ्रिज में रखे आटे के साथ 24 घंटे बाद क्या होता है?
बैक्टीरिया और फर्मेंटेशन (Fermentation): गीले आटे में नमी होती है, जो बैक्टीरिया के पनपने के लिए एकदम सही जगह है। ज्यादा देर रखने पर इसमें हल्का खमीर (Fermentation) उठने लगता है, जो स्वाद को हल्का खट्टा कर सकता है।
गैस और एसिडिटी: जिन लोगों का पाचन तंत्र कमज़ोर (Weak Digestion) है,
उन्हें बासी आटे की रोटियां खाने से पेट फूलना, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
पोषक तत्वों में कमी: ताजे गूंथे आटे की तुलना में रखे हुए आटे के पोषक तत्व समय के साथ कम होने लगते हैं और रोटियां भी उतनी नरम नहीं बनतीं।
स्वस्थ रहने के लिए स्मार्ट टिप्स:
कोशिश करें: उतना ही आटा गूंथें जितनी एक समय में ज़रूरत हो। ‘ताज़ा खाएं, स्वस्थ रहें’ का नियम सबसे बेस्ट है।
स्टोरेज का सही तरीका: अगर आटा बच जाए, तो उसे किसी एयर-टाइट डिब्बे (Air-tight container) में बंद करके रखें और ऊपर हल्का सा तेल या घी लगा दें ताकि वह काला न पड़े।
समय सीमा: कोशिश करें कि गूंथे हुए आटे का इस्तेमाल 12 से 24 घंटे के भीतर कर लें। अगर आटे का रंग बदल गया है या अजीब गंध आ रही है, तो उसे फेंक दें।
निष्कर्ष: फ्रिज का आटा ‘ज़हर’ नहीं है, लेकिन ताज़ा आटा ‘अमृत’ समान है। अपनी सेहत के लिए थोड़ी मेहनत ज़रूर करें! ✨

