आगामी 07 मार्च को नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम् में होगा सर्व वैश्य समाज समिति काशी का भव्य होली मिलन समारोह।
राधा कृष्ण के स्वरूप के साथ ब्रज की होली की प्रस्तुति होगी सर्व वैश्य समाज समिति काशी के होली मिलन समारोह का मुख्य आकर्षण।
वाराणसी रंगों के पर्व होली के शुभ अवसर पर सर्व वैश्य समाज समिति काशी द्वारा समाज बंधुओ के मेल मिलाप व आपसी सहयोग को बढ़ावा देने हेतु भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन आगामी 07 मार्च 2026, दिन शनिवार को सायं 4:30 से नाटी इमली स्थित गणेश मंडपम् में किया जा रहा है, कार्यक्रम को मूर्तरूप देने के उद्वेश्य से एक बैठक विनायक प्लाजा स्थित कार्यालय में आहूत की गई जिसमें कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए अध्यक्ष आर के चौधरी ने कहा कि होली हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्यौहार है जो हम सबको आपस मे जोड़ता हैं, प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी आयोजित होने वाला होली मिलन समारोह अपने आप में अनूठा होगा, जिसमें वाराणसी के वैश्य समाज के सभी घटकों की सहभागिता रहेगी। सर्व वैश्य समाज समिति काशी के महामंत्री दीपक कुमार बजाज ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कार्यक्रम में राधा कृष्ण के स्वरूप के साथ ब्रज की होली की प्रस्तुति कार्यक्रम में चार चांद लगाएंगी तथा गुजिया, बनारसी चाट, ठंडाई का हम सब रसास्वादन भी करेंगे।प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी सर्व वैश्य समाज समिति काशी भव्य रूप में होली मिलन समारोह कार्यक्रम का आयोजन कर रही है जिसमें मारवाड़ी समाज, अग्रवाल समाज, जायसवाल समाज, साहू समाज, अग्रहरी समाज, तेली समाज, मोदनवाल समाज, जैन समाज, बरनवाल समाज, माहेश्वरी समाज, स्वर्णकार समाज, केशरी समाज, सहित वैश्य समाज के सभी वर्गों की सहभागिता रहेगी।
समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमाशंकर अग्रवाल ने बताया कि माननीय स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री श्री रविन्द्र जायसवाल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे ।
बैठक में मुख्य रूप से समिति के अध्यक्ष आर के चौधरी, महामंत्री दीपक कुमार बजाज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमाशंकर अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सर्वेश अग्रवाल, नीरज पारिख, पंकज अग्रवाल, कन्हैया गुप्ता, विजय जायसवाल, प्रचार मंत्री सुरेश तुलस्यान, देव कुमार राजू, अरविंद जायसवाल, मनोज जायसवाल, सूरज प्रसाद गुप्ता, संतोष गुप्ता, कृष्ण कुमार काबरा, सौरभ जायसवाल, हेमदेव अग्रवाल, अनूप गुप्ता सहित वैश्य समाज के अनेक पदाधिकारी व गणमान्य जन उपस्थित रहे।

