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नई दिल्ली। विदेशों में स्थित भारतीय मिशनों में काम करने वाले तमाम अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने 2047 तक भारत को एक खुशहाल और आत्मनिर्भर देश बनाने के लिए खुद को मजबूती से समर्पित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय यानी ‘सेवा तीर्थ’ में अपनी पहली मीटिंग के दौरान भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए संकल्प को दोहराते हुए माना कि उनके कार्यालय में लिया गया प्रत्येक निर्णय ‘नागरिक देवो भव’ की भावना से प्रेरित होगा।

जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा स्थायी प्रतिनिधि (पीआर) अरिंदम बागची ने जिनेवा में भारत के परमानेंट मिशन के अधिकारियों के साथ सेवा तीर्थ में यूनियन कैबिनेट की पहली मीटिंग में अपनाए गए सेवा संकल्प प्रस्ताव को लागू करने पर चर्चा की। अधिकारियों ने 2047 तक विकसित भारत के विजन को पूरा करने के लिए पूरी कोशिश करने का अपना वादा भी दोहराया।
श्रीलंका स्थित भारतीय उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर लिखा ‘नागरिक देवो भव’ की भावना से कोलंबो स्थित इंडियन हाई कमीशन के हाई कमिश्नर संतोष झा और स्टाफ ने ‘सेवा तीर्थ’ में अपनी पहली मीटिंग के दौरान भारतीय यूनियन कैबिनेट द्वारा अपनाए गए “सेवा संकल्प प्रस्ताव” को पढ़ने और उस पर चर्चा करने के लिए एक मीटिंग की। उच्चायोग ने बताया अधिकारियों ने 2047 तक भारत को एक खुशहाल और आत्मनिर्भर देश बनाने के लिए, संवेदनशील, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन के लिए खुद को फिर से समर्पित किया।

नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर लिखा काठमांडू में भारतीय दूतावास ने सेवा संकल्प प्रस्ताव और मिशन के काम में इसके सिद्धांतों को लागू करने के बारे में एक मीटिंग की। राजदूत ने प्रस्ताव के खास पॉइंट्स बताए, जिसके बाद दूतावास के अलग-अलग अधिकारियों ने अपने विचार शेयर किए।
बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में, नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक प्रथम बैठक आयोजित हुई थी। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इस दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संकल्प दोहराया कि यहां लिया गया हर निर्णय 140 करोड़ देशवासियों के प्रति सेवा-भाव से प्रेरित होगा और राष्ट्र-निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा।
बयान में कहा गया मंत्रिमंडल यह संकल्प दोहराता है कि इस परिसर में लिया गया प्रत्येक निर्णय ‘नागरिक देवो भव’ की भावना से प्रेरित होगा। यह स्थान सत्ता के प्रदर्शन का नहीं, वरन् प्रत्येक भारतवासी के सशक्तिकरण का केंद्र बनेगा। सेवा तीर्थ से संचालित शासन का हर प्रयास देश के अंतिम व्यक्ति के जीवन को सरल बनाने की भावना से जुड़ा रहेगा। हम ये दोहराते हैं कि, हम अपने विजन के मुताबिक उस गवर्नेंस मॉडल को और मजबूती देंगे, जो पारदर्शी, उत्तरदायी और नागरिक की संवेदनाओं के प्रति सजग हो।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)

